प्रिंट रेट से अधिक दाम पर बिक रहा गुटखा-पान मसाला, जनपद में मचा हड़कंप
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
जनपद में इन दिनों गुटखा और पान मसाला प्रिंट रेट से अधिक मूल्य पर बेचे जाने का मामला तेजी से चर्चा में है। बाजार में 140 रुपये कीमत वाला गुटखा पाउच खुलेआम 200 से 220 रुपये तक बेचा जा रहा है। वहीं कई ब्रांड के पान मसाला भी निर्धारित मूल्य से काफी ज्यादा दाम पर ग्राहकों को थमाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ बड़े व्यापारी कथित तौर पर भारी मात्रा में स्टॉक रोककर ऊंचे दामों पर बिक्री कर रहे हैं। तम्बाकू उत्पादों पर भारी जीएसटी बढ़ने की अफवाह फैलाकर ग्राहकों को महंगे दाम चुकाने पर मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी आधिकारिक आदेश या दर वृद्धि की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जनपद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी पान मसाला और गुटखा के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि प्रिंट रेट से अधिक मूल्य वसूला जा रहा है तो यह उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग—जैसे आपूर्ति विभाग, वाणिज्य कर (जीएसटी) विभाग और प्रशासन—अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। इससे कई तरह की चर्चाएं और सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इस खेल के पीछे कौन है और किसके संरक्षण में यह वसूली जारी है।
यदि वाकई जीएसटी या अन्य करों में कोई बदलाव हुआ है तो प्रशासन को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए, अन्यथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है और उपभोक्ताओं को राहत मिलती है या नहीं।




