IndianIndian Institute of Technology Kanpur में आत्महत्या रोकथाम के लिए बनेगा ओपन फोरम
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
आईआईटी कानपुर में बीते डेढ़ साल में हुई आत्महत्या की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संस्थान ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। छात्रों को मानसिक तनाव और अवसाद से उबारने के लिए ओपन फोरम बनाया जाएगा, जहां छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर सकेंगे। साथ ही वेलनेस के लिए व्हाट्सएप ग्रुप पहले से संचालित है।
28 छात्र ले रहे उपचार
संस्थान की काउंसलर सर्विसेस के अनुसार वर्तमान में 28 छात्र डिप्रेशन और तनाव से जुड़ी समस्याओं का इलाज करा रहे हैं। वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक वाजपेयी ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पहले से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और अब उन्हें और मजबूत किया जाएगा।
केंद्रीय टीम ने किया था दौरा
13 फरवरी को केंद्रीय टीम ने आईआईटी कानपुर का दौरा कर छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ से बातचीत की थी। टीम में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल, All India Council for Technical Education के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे और उच्च शिक्षा मंत्रालय के निदेशक देवेंद्र कुमार शर्मा शामिल थे।
टीम ने GSVM Medical College के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी से भी चर्चा की और आत्महत्या की घटनाओं की जांच रिपोर्ट पर जानकारी ली।
क्या होगा ओपन फोरम का उद्देश्य?
छात्र अपनी मानसिक, शैक्षणिक या व्यक्तिगत समस्याएं खुलकर रख सकेंगे
विशेषज्ञों से तत्काल मनोवैज्ञानिक सहायता मिलेगी
गोपनीयता के साथ काउंसलिंग सुविधा
तनाव कम करने के लिए नियमित संवाद सत्र
व्हाट्सएप ग्रुप से त्वरित संवाद
केंद्रीय टीम ने सुझाव दिया था कि छात्रों के लिए वेलनेस व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिससे वे निजी समस्याएं साझा कर सकें और तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। संस्थान ने बताया कि ऐसा ग्रुप पहले से सक्रिय है और उसे और प्रभावी बनाया जा रहा है।
आईआईटी प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक और संवेदनशील व्यवस्था तैयार करना है, ताकि परिसर में सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण बनाया जा सके। Institute of Technology Kanpur में आत्महत्या रोकथाम के लिए बनेगा ओपन फोरम
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
आईआईटी कानपुर में बीते डेढ़ साल में हुई आत्महत्या की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संस्थान ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। छात्रों को मानसिक तनाव और अवसाद से उबारने के लिए ओपन फोरम बनाया जाएगा, जहां छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर सकेंगे। साथ ही वेलनेस के लिए व्हाट्सएप ग्रुप पहले से संचालित है।
28 छात्र ले रहे उपचार
संस्थान की काउंसलर सर्विसेस के अनुसार वर्तमान में 28 छात्र डिप्रेशन और तनाव से जुड़ी समस्याओं का इलाज करा रहे हैं। वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक वाजपेयी ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पहले से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और अब उन्हें और मजबूत किया जाएगा।
केंद्रीय टीम ने किया था दौरा
13 फरवरी को केंद्रीय टीम ने आईआईटी कानपुर का दौरा कर छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ से बातचीत की थी। टीम में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल, All India Council for Technical Education के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे और उच्च शिक्षा मंत्रालय के निदेशक देवेंद्र कुमार शर्मा शामिल थे।
टीम ने GSVM Medical College के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी से भी चर्चा की और आत्महत्या की घटनाओं की जांच रिपोर्ट पर जानकारी ली।
क्या होगा ओपन फोरम का उद्देश्य?
छात्र अपनी मानसिक, शैक्षणिक या व्यक्तिगत समस्याएं खुलकर रख सकेंगे
विशेषज्ञों से तत्काल मनोवैज्ञानिक सहायता मिलेगी
गोपनीयता के साथ काउंसलिंग सुविधा
तनाव कम करने के लिए नियमित संवाद सत्र
व्हाट्सएप ग्रुप से त्वरित संवाद
केंद्रीय टीम ने सुझाव दिया था कि छात्रों के लिए वेलनेस व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिससे वे निजी समस्याएं साझा कर सकें और तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। संस्थान ने बताया कि ऐसा ग्रुप पहले से सक्रिय है और उसे और प्रभावी बनाया जा रहा है।
आईआईटी प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक और संवेदनशील व्यवस्था तैयार करना है, ताकि परिसर में सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण बनाया जा सके।




