*बर्खास्त के बाद भी बहाल हो गया आरोपी डॉक्टर-कार्यवाही की मांग*
बाँदा-ब्यूरो
अल्तमश हुसैन
बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा में एक दिल दहला देने वाली लापरवाही का मामला सामने आया था। जिसने पूरे स्वास्थ्य महकमे पर सवाल खड़े कर दिए थे। डॉक्टर की घोर लापरवाही के चलते 5 साल की मासूम मानवी को अपना पैर गंवाना पड़ा और आज 8 महीने बाद भी वह परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। इस मामले में अब सियासत भी गरमा गई है। करीब 8 माह पहले मानवी छत से गिर गई थी। परिजन उसे लेकर बांदा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि मानवी के पैर में सिर्फ पट्टी बांध दी गई और तीन दिन तक किसी डॉक्टर ने उसकी सुध नहीं ली।परिजनों का आरोप सीधे डॉ. विनीत सिंह पर है। मानवी उस दौरान डॉ. विनीत सिंह के अंडर में भर्ती थी, लेकिन आरोप है कि डॉ. सिंह एक बार भी वार्ड में बच्ची को देखने नहीं आए। डॉ. विनीत सिंह का प्राइवेट क्लीनिक चलता है और प्राइवेट क्लीनिक में आने के दबाव के चलते ही सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती मासूम को देखने नहीं आए। इसी लापरवाही के चलते मासूम का पैर सड़ गया और डॉक्टरों को जान बचाने के लिए पैर काटना पड़ा। आज 5 साल की बच्ची लाचार, बेबस है। उसका भविष्य अंधकार में है। उसके माता-पिता मजदूरी कर परिवार पालते हैं। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब 8 माह पूर्व परिजनों ने जिलाधिकारी से शिकायत की।जिलाधिकारी के निर्देश पर बनी जांच कमेटी ने डॉ. विनीत सिंह को दोषी पाया और उन्हें बर्खास्त भी कर दिया गया था।लेकिन परिजनों और समाजसेवी सुशील त्रिवेदी का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से सांठ-गांठ कर डॉ. विनीत सिंह ने चोरी-छुपे दोबारा बहाली करा ली। बर्खास्त डॉक्टर आज फिर उसी मेडिकल कॉलेज में नौकरी कर रहा है, जबकि पीड़ित बच्ची न्याय के लिए भटक रही है।न्याय न मिलने पर बच्ची और उसके परिजन कुछ दिन पहले सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले थे। अखिलेश यादव ने परिवार को आर्थिक मदद भेजी और आज इस पूरे मामले पर बयान जारी कर सरकार को घेरा है। अखिलेश के बयान के बाद जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पीड़ित बच्ची के माता-पिता और समाजसेवी सुशील त्रिवेदी ने जिलाधिकारी बांदा से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। दोषी डॉक्टर को तत्काल बर्खास्त कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और मासूम को उचित मुआवजा दिया जाए।




