*गैंगस्टर एक्ट में कपिल, पुनीत,मन्नू को हुई सजा*
बाँदा-ब्यूरो
अल्तमश हुसैन
बांदा। फायरिंग कर 8 लाख रुपये की लूट से दहला देने वाले गैंगस्टर गिरोह पर आखिरकार 16 साल बाद कानून का शिकंजा कस गया।विशेष गैंगस्टर अदालत ने तीन शातिर गैंगस्टरों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास और 6-6 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 2 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) श्रीपाल सिंह ने यह फैसला सुनाया। कपिल पुत्र हनुमान दास गुप्ता, निवासी बनयोटा, पुनीत पुत्र स्व. माता प्रसाद, बारी मोहल्ला, मन्नू उर्फ महमूद उल्ला पुत्र स्व. महबूब, निवासी हाथीखाना, अलीगंज, कोतवाली नगर को सज़ा सुनाई गई है। फैसले के बाद तीनों को हिरासत में लेकर जिला कारागार बांदा भेज दिया गया। 5 जनवरी 2010 की रात करीब 10 बजे हरपाल सिंह आहूजा अपने मकान के सौदे के 8 लाख रुपये घर लौट रहे थे। साथ में चालक समी सरदार था। घर के पास पहुंचते ही मोटरसाइकिल से आए तीन बदमाशों ने कार रोककर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें चालक समी सरदार के हाथ में गोली लग गई और बदमाश कार में रखी 8 लाख रुपये से भरी बोरी लूटकर फरार हो गए। पुलिस विवेचना में लूटी गई रकम में से 3 लाख रुपये कपिल की दुकान से बरामद हुए थे।पुलिस ने इनके संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक लाभ के लिए अपराध करने और क्षेत्र में भय-आतंक फैलाने के साक्ष्यों के आधार पर गैंगचार्ट तैयार किया। सक्षम अधिकारी से अनुमोदन और अभियोजन स्वीकृति के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। वादी निरीक्षक दयाशंकर सिंह रहे और विवेचना मनोज कुमार कौशिक ने की।अभियोजन ने गैंगचार्ट, अभियोजन स्वीकृति और आधारभूत मुकदमे के सभी दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। बचाव पक्ष ने साक्ष्यों पर सवाल उठाए, लेकिन न्यायालय ने विस्तृत परीक्षण के बाद माना कि अभियोजन ने तीनों के खिलाफ धारा 3 गैंगस्टर एक्ट का अपराध संदेह से परे साबित कर दिया है।शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने प्रभावी पैरवी की। इसमें पैरोकार अभिलाष यादव, कोर्ट मुहर्रिर रघुनाथ मौर्य और अमित कुमार का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। मुकदमे में कुल 5 आरोपी थे, जिसमें से रफत उल्ला और जैनब के फरार होने पर उनकी पत्रावली अलग कर दी गई थी। 16 साल पुराने इस सनसनीखेज लूटकांड में आए इस फैसले से अपराधियों में हड़कंप है और आम जनता ने न्यायपालिका के फैसले का स्वागत किया है।




