जल भराव से नही मिल पा रही मकडीखेडा के निवासियों को निजा
– मकडीखेडा सहित आस-पास के कई क्षेत्र बाढ के पानी से प्रभावित
– लोग घरों में रहते कैद, सामान्य जीवन पर पडा बुरा असर
– गंदे पानी, मच्छरों के कारण बढा बिमारियों का खतरा
कानपुर नगर, लागातार होने वाली मानसून की बरिश ने इस बार कानपुर सहित आस-पास के क्षेत्रों की हालत खराब कर के रख दी है। नगर निगम चाहे जितना भी दावां करे लेकिन शहर में साफ-सफाई और नालों की सफाई इस बरसात में सामने आ चुकी है और इसका खामयाजा शहरवासियों को उठना पड रहा है। पूरे शहर में जल भराव से लेकर टूटी सकडे, उखडी बजरी और धूल लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। वहीं गंगा का जल स्तर खतरनाक ढंग से बढने से कटरी, मकडीखेडा सहित आस-पास के दर्जनों क्षेत्रों को प्रभावित कर चुका है।
लगातार बारिश और बढते गंगा के जलस्तर के कारण जहां कटरी के गांव जलमग्न हो चुके है, तो वहीं आजादनगर, मकडीखेडा सहित दर्जन से ज्यादा क्षेत्रों में पानी भराव की समस्या बनी हुइ है। बस्तियों में जलभसराव की स्थित से निपटने के लिए पंाच पंप रात और दिन इलाके से पानी खींचने ने लिए काम में लगाये गये थे, लेकिन अभी भी पानी भराव की समस्या हल नही हो सकी है। जल भराव के कारण आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। गलियों में जहां गंदा पानी भरा हुआ है, तो फैली गंदगी बीमारी की दस्तक दे रही है। मौसमी बुखार, वायरल फीवर, स्वाइन फ्ल्लू व डेंगू के खतरे के बीच बच्चे, बूढे, स्त्री, पुरूष डर के साये में जी रहे है। मकानो के नीचे हिस्से में पानी भरा होने से लोग दूसरी मंजिल पर रह रहे है। हांलाकि कुछ क्षेत्रों में जल भराव पहले से कम हो रहा है। जल भराव की स्थिति के कारण पहले से ही लोग अपने घरो को छोडकर सुरिक्षत स्थान पर जा चुके है। यहीं नही इन क्षेत्रों तथा आस-पास की मुख्य सडके भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बच्चे स्कूल नही जा पा रहे है। कई घरों में जमीन की बोरिंग तक डूब गयी, जिससे पीने का पानी भी नही मिल पा रहा है। रोजमर्रा की कमाई करने वालों के सामने भरण-पोषण की समस्या खडी हो गयी है। इससे पहले कई बार प्रशासनिक अधिकारियों तथा सरकार के नेताओं सहित जन प्रतिनिधियों ने इन क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था और हर संभव सहायत उपलब्ध कराने को कहा था। यहां के निवासयों द्वारा प्रशासन द्वारा सहायता उपलब्ध भी कराई जा रही है साथ ही पानी निकाली के प्रयास युद्धस्तर पर किये जा रहे है। दो दिनो से बारिश नही हुई, यह राहत की बात है और ऐसे में कुछ क्ष़्ोत्रों में जलभराव कम हुआ है। बाढ प्रभावित परिवारों को जल्द ही सरकारी सहायता भी प्रदान की जा सकती है।




