*सुर ताल संगम संगीत प्रशिक्षण संस्थान में सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन एवं गुरुजनों को नमन करते हुए शिक्षक दिवस को म्यूज़िकल गेम्स, गीत, संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों से सजाया गया*

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सांस्कृतिक संस्था सुर ताल संगम द्वारा शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सुर ताल संगम म्यूज़िक इंस्टीट्यूट के सभी प्रशिक्षणार्थियों एवं उनके अभिभावकों के द्वारा गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी कलाकारों एवं विद्यार्थियों ने गुरुओं को नमन करते हुए उनके मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं समर्पण के लिए पुष्प गुच्छ एवं उपहार भेंट करके हार्दिक आभार प्रकट किया। इस अवसर पर कुशल एवं लोकप्रिय संगीत प्रशिक्षक अविजित श्रीवास्तव ने यह संदेश दिया गया कि “गुरु वह दीपक है जो स्वयं जलकर हमारे जीवन को प्रकाशमान करता है।”
इस सराहनीय कार्यक्रम की विशेष विशेष रूप से गरिमा बढ़ाई सुप्रसिद्ध संगीत प्रशिक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार श्री अविजीत श्रीवास्तव (दूरदर्शन/आकाशवाणी कलाकार) तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बहुमुखी गायिका एवं संगीत प्रशिक्षिका डॉ जया श्रीवास्तव की गरिमामय उपस्थिति ने। दोनों ही गुरुओं ने अपने प्रेरणादायक विचारों से सभी को शिक्षित और प्रेरित किया।
इस अवसर पर भारत के महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान का निर्माण करना है। इस यादगार कार्यक्रम में अविजित श्रीवास्तव ने कल हो ना हो,अतुल श्रीवास्तव ने झिलमिल सितारों का, सीमा श्रीवास्तव ने रिमझिम के गीत सावन गाए, मनीषा सिंह ने हे दुख भंजन, हिमांशु वर्मा ने जा जा रे सुगना जा रे,आनंद कुमार ने तुम अगर साथ देने का,तुहिना साहू ने दो दिल मिल रहे हैं,अद्विका श्रीवास्तव ने तू जो मिला,शरण्या सिंह ने कागज़ के दो पंख,युविका पांडेय ने लव यू ज़िंदगी,त्रिनाभ साहू ने बंगाली गीत,अथर्व ने भाषण प्रस्तुति के साथ ही नृत्य प्रस्तुतियों में अद्विका ने गुरु वंदना,त्रिनाभ ने झूठी खाई थी कसम,नीरजा ने आज मेरे पिया घर आएंगे आदि शानदार प्रस्तुतियां देकर आयोजन को चार चांद लगा दिए। आयोजनकर्ताओं के द्वारा मनोरंजक म्यूज़िकल गेम्स और स्वादिष्ट पकवानों का सभी ने खूब आनंद लिया।
कार्यक्रम के अंत में सुर ताल संगम परिवार के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव समेत प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों की ओर से सभी गुरुजनों को सादर वंदन एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा संगीत एवं संस्कारों के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया।




