महाराज प्रयाग नारायण मन्दिर में 166वीं श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव
कानपुर नगर, उत्तर भारत का 166 वर्ष प्राचीन (दक्षिण भारतीय) तिवारी परिवार के पूर्वजों द्वारा स्थापित महाराज प्रयागनारायण मन्दिर (शिवाला) कानपुर में “श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव” परंपरागत विधि-विधान से विशेष पूजन प्रार्थना के साथ सम्पन्न हुआ।
प्रातःकाल मन्दिर गर्भगृह में स्थापित भगवान लक्ष्मीनारायण सहित सभी विग्रहों का नारद पाँचरात्रि आगम विधि से तमिल संस्कृत भाषा में मंत्रोच्चारण के साथ दूध-दही सुगंधि, हल्दी, चन्दन, गंगाजल, गुलाबजल, प्राकृतिक औषधियों आदि से तिरुमंजन (विशेष स्नान) कराया गया।
यह तिरुमंजन अभिषेक एवं पूजन मन्दिर व्यास पं० करूणाशंकर, प्रधान अर्चक आचार्य सूरजदीन, आचार्य अर्पित, आचार्य अश्वनी, आचार्य अनुराग की उपस्थित में मंदिर संरक्षक “मुकुल” विजयनारायण तिवारी एवं अध्यक्ष अभिनवनारायण तिवारी, प्रबन्धक राघवनारायण तिवारी के द्वारा अभिषेक सम्पन्न हुआ। सम्पन्न हुये अभिषेक का पंचामृत रूपी महाप्रसाद पूरे दिन आने वाले भक्तों को वितरित किया गया। सायंकाल से मध्यरात्रि तक भजन-कीर्तन, पारम्परिक सोहर गीत निरंतर चलते रहें।
जयकारों के साथ मध्यरात्रि ठीक 12 बजे घण्ट-घड़ियाल एवं शंखनाद घोष नगाड़ों की थाप पर जन्म महाआरती हुई।
प्रधान अर्चक द्वारा भगवान की पुष्पांजलि की गयी। महाप्रसाद में पंचामृत, पंजीरी, मखाना, बीजा, चिरौंजी, रामदाना, नारियल, फल, पेड़ा, बर्फी आदि का वितरण हुआ। मन्दिर प्रांगण में आये सभी भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। यह श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मंदिर प्रबन्धक राघवनारायण तिवारी के देखरेख में सम्पन्न हुआ।
प्रमुख रूप से अनिल शर्मा, महेश सचान, प्रवीण गुप्ता, सोमेन्द्र जायसवाल, उमंग अग्रवाल, डॉ० विकास मिश्र, मनोज तिवारी, गीता, मनोरमा, कामना तिवारी, अमित दुबे, राज टण्डन, अमिताभ अवस्थी




