‘शिक्षा बचाओ, स्कूल बचाओ, देश बचाओ’ के संकल्प के साथ SFI कानपुर का प्रथम जिला सम्मेलन संपन्न
कानपुर | 01 सितंबर 2026। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) कानपुर का प्रथम जिला सम्मेलन जिला कार्यालय कॉमरेड राम आसरे भवन, कालपी रोड, कानपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में शिक्षा, स्कूलों की बंदी, छात्रवृत्ति, पेपर लीक तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन में संगठन को और मजबूत एवं व्यापक बनाने, अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को संगठित करने तथा आगामी संघर्षों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन के अंत में 9-सदस्यीय नई जिला कमेटी का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता महबूब आलम ने की, जबकि संचालन जुनैद मंसूरी एवं वैष्णवी सक्सेना ने किया। सम्मेलन से पूर्व ध्वजारोहण किया गया तथा शहीद वेदी पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद छात्र हितों एवं शिक्षा के सवालों को लेकर जोरदार नारेबाजी के साथ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।
सम्मेलन का उद्घाटन राज्य कमेटी सदस्य कामरेड आराध्य बाजपेई ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्कूलों की बंदी, देश के लिए मोदी सरकार द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति, पेपर लीक सहित शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न सवालों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पेपर लीक आदि मुद्दों को लेकर छात्रों के ऐतिहासिक आंदोलनों का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की बड़ी जीत बताया। साथ ही उन्होंने छात्रों पर पुलिस दमन की निंदा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग का पुरजोर समर्थन किया।
उन्होंने कानपुर में SFI द्वारा छात्र हितों को लेकर किए गए संघर्षों की सराहना करते हुए भूख हड़ताल, ‘स्कूल बचाओ’ अभियान, छात्रवृत्ति दिलाने तथा छात्रों के अन्य सवालों को लेकर चलाए गए लगातार अभियानों का उल्लेख किया और SFI कानपुर टीम को इन संघर्षों के लिए बधाई दी।
जिला संयोजक महबूब आलम ने सम्मेलन में संगठन द्वारा विगत समय में किए गए संघर्षों एवं गतिविधियों की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने सम्मेलन का आह्वान किया कि आने वाले समय में संगठन के सभी सदस्यों को उनके संबंधित स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं क्षेत्रों के आधार पर संगठित किया जाए तथा जहां संभव हो, वहां नई यूनिटों का गठन किया जाए। उन्होंने सदस्यों के बीच नियमित अध्ययन, चर्चा एवं संगठनात्मक प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।
रिपोर्ट पर 20 छात्र-छात्रा प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए रिपोर्ट का समर्थन किया। प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा संगठन के आगामी कार्यक्रमों, छात्र समस्याओं एवं संघर्षों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए।
सम्मेलन की मुख्य अतिथि एवं सीसामऊ विधायक माननीया नसीम इरफान सोलंकी ने सम्मेलन की सफलता की कामना करते हुए अपने शुभकामना संदेश में विश्वास दिलाया कि छात्रों एवं युवाओं के हितों में होने वाले हर संघर्ष में उनका पूरा समर्थन रहेगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे अपने अन्य विधायक साथियों के साथ सदन में भी छात्रों एवं युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाएंगी।
सम्मेलन में मित्र संगठनों के साथियों ने भी अपने शुभकामना संदेश प्रस्तुत किए तथा छात्र हितों से जुड़े हर संघर्ष में SFI कानपुर को अपने पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।
SFI एवं संयोजन समिति के नेतृत्वकारी साथियों ने भी सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत करने, छात्र-छात्राओं को व्यापक रूप से संगठित करने तथा शिक्षा एवं छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से 9-सदस्यीय नई जिला कमेटी का चुनाव किया गया। नई जिला कमेटी में—
अध्यक्ष — महबूब आलम
उपाध्यक्ष — जुनैद मंसूरी
उपाध्यक्ष — वैष्णवी सक्सेना
महामंत्री — आराध्य बाजपेई
संयुक्त मंत्री — अश्विन मिश्रा
कोषाध्यक्ष — मोहम्मद अदनान
कार्यकारिणी सदस्य — मोहम्मद अल्ताफ
कार्यकारिणी सदस्य — मरियम जमील
कार्यकारिणी सदस्य — रचित द्विवेदी
को सर्वसम्मति से चुना गया।
नवनिर्वाचित जिला कमेटी ने ‘शिक्षा बचाओ, स्कूल बचाओ, देश बचाओ’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, छात्रवृत्ति एवं शिक्षा से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाने तथा कानपुर में छात्र आंदोलन और संगठन को और व्यापक एवं मजबूत बनाने का संकल्प लिया।




