सीएसए में होगा रबी दलहनी फसलों पर राष्ट्रीय वैज्ञानिक मंथन
— अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना रबी दलहन की 31वीं वार्षिक समूह बैठक 29-30 अगस्त को
कानपुर नगर, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में रबी दलहनी फसलों के अनुसंधान, उत्पादन, फसल सुधार एवं संरक्षण की दिशा में नवीन तकनीकों और भावी अनुसंधान कार्यक्रमों पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना ऑन रबी पल्सेज की 31वीं वार्षिक समूह बैठक का आयोजन 29 एवं 30 अगस्त, 2026 को कानपुर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आयोजन का संयुक्त आयोजन भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर एवं चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली करेंगे। समारोह में डॉ. डी.के. यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), डॉ. एस.के. झा, सहायक महानिदेशक डॉ. जी.पी. दीक्षित, निदेशक दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर तथा डॉ. संजीव गुप्ता, कुलपति सीएसए कानपुर की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र 29 अगस्त को प्रातः 9:30 बजे विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित होगा। उद्घाटन सत्र में रबी दलहनों में अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं पर प्रस्तुतियां एवं विचार-विमर्श होगा।दो दिवसीय बैठक के दौरान फसल सुधार, फसल सुरक्षा एवं फसल उत्पादन से संबंधित विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें चना, मसूर, मटर एवं अन्य रबी दलहनी फसलों से संबंधित अनुसंधान, रोग एवं कीट प्रबंधन, कृषि उत्पादन तकनीक, सूक्ष्मजीव विज्ञान तथा उन्नत उत्पादन तकनीकों पर वैज्ञानिक चर्चा की जाएगी।बैठक में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन एवं ब्रीडर सीड उत्पादन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा ICARDA, ICRISAT, NIPGR, सीएसए में होगा रबी दलहनी फसलों पर राष्ट्रीय वैज्ञानिक मंथन
— अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना रबी दलहन की 31वीं वार्षिक समूह बैठक 29-30 अगस्त को
कानपुर नगर, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में रबी दलहनी फसलों के अनुसंधान, उत्पादन, फसल सुधार एवं संरक्षण की दिशा में नवीन तकनीकों और भावी अनुसंधान कार्यक्रमों पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना ऑन रबी पल्सेज की 31वीं वार्षिक समूह बैठक का आयोजन 29 एवं 30 अगस्त, 2026 को कानपुर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आयोजन का संयुक्त आयोजन भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर एवं चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली करेंगे। समारोह में डॉ. डी.के. यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), डॉ. एस.के. झा, सहायक महानिदेशक डॉ. जी.पी. दीक्षित, निदेशक दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर तथा डॉ. संजीव गुप्ता, कुलपति सीएसए कानपुर की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र 29 अगस्त को प्रातः 9:30 बजे विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित होगा। उद्घाटन सत्र में रबी दलहनों में अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं पर प्रस्तुतियां एवं विचार-विमर्श होगा।दो दिवसीय बैठक के दौरान फसल सुधार, फसल सुरक्षा एवं फसल उत्पादन से संबंधित विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें चना, मसूर, मटर एवं अन्य रबी दलहनी फसलों से संबंधित अनुसंधान, रोग एवं कीट प्रबंधन, कृषि उत्पादन तकनीक, सूक्ष्मजीव विज्ञान तथा उन्नत उत्पादन तकनीकों पर वैज्ञानिक चर्चा की जाएगी।बैठक में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन एवं ब्रीडर सीड उत्पादन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा ICARDA, ICRISAT, NIPGR, BARC, NCIPM एवं NBAIM सहित विभिन्न संस्थानों के सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रमों की भी समीक्षा की जाएगी।
बैठक के दूसरे दिन विभिन्न फसल सुधार, फसल सुरक्षा एवं फसल उत्पादन विषयों पर समानांतर तकनीकी सत्रों के उपरांत वर्ष 2026-27 के अंतिम तकनीकी कार्यक्रम को प्रस्तुत एवं अनुमोदित किए जाने की दिशा में विचार-विमर्श किया जाएगा।
यह राष्ट्रीय स्तर का वैज्ञानिक आयोजन रबी दलहनी फसलों की उत्पादकता, गुणवत्ता एवं टिकाऊ उत्पादन बढ़ाने के लिए नवीन अनुसंधान रणनीतियों के निर्धारण तथा देश की दलहन आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।, NCIPM एवं NBAIM सहित विभिन्न संस्थानों के सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रमों की भी समीक्षा की जाएगी।
बैठक के दूसरे दिन विभिन्न फसल सुधार, फसल सुरक्षा एवं फसल उत्पादन विषयों पर समानांतर तकनीकी सत्रों के उपरांत वर्ष 2026-27 के अंतिम तकनीकी कार्यक्रम को प्रस्तुत एवं अनुमोदित किए जाने की दिशा में विचार-विमर्श किया जाएगा।
यह राष्ट्रीय स्तर का वैज्ञानिक आयोजन रबी दलहनी फसलों की उत्पादकता, गुणवत्ता एवं टिकाऊ उत्पादन बढ़ाने के लिए नवीन अनुसंधान रणनीतियों के निर्धारण तथा देश की दलहन आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




