*मोमोज व फिंगर बने छात्रों की मौत की वजह*?
बाँदा-ब्यूरो
अल्तमश हुसैन
बांदा।बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय, झील का पुरवा में 2 छात्रों की मौत में एक नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि बच्चों ने आपस में चंदा करके बाहर से मोमोज व फिंगर मंगवाए थे। मोमोज व फिंगर खाने के कुछ देर बाद ही दोनों की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान नितिन 12 वर्ष और अरुण 9 वर्ष की मौत हो गई थी। हॉस्टल में रह रहे नितिन निवासी सरस्वाह और अरुण ने दोस्तों से चंदा इकट्ठा कर बाहर से मोमोज व फिंगर मंगवाए थे। मोमोज व फिंगर खाने के बाद दोनों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने लगे थे। हालत बिगड़ते देख हॉस्टल प्रबंधन आनन-फानन में दोनों को जिला अस्पताल ले गया। नितिन की हालत ज्यादा खराब होने पर डॉक्टरों ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया था।परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हॉस्टल में बच्चों को बाहर का खाना मंगवाने की छूट क्यों थी? समय पर इलाज क्यों नहीं हुआ। खाद्य सुरक्षा व प्रशासन ने स्कूल में बन रही खाद्य रसोई सामग्री का सैंपल कब्जे में लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फूड सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट होगा। स्कूल प्रबंधन और वार्डन से पूछताछ की जा रही है कि बच्चों ने मोमोज व फिंगर कहां से मंगवाए थे और किसने सप्लाई की। डीएम और बीएसए ने भी जांच के निर्देश दिए हैं। एक साथ 2 बच्चों की मौत से सरस्वाह और आसपास के गांवों में मातम है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। वही दोनों छात्रों का पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रखकर विधि विधान प्रयोगशाला प्रयागराज जांच के लिए भेजा था रहा है।




