शिक्षकों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी
कक्षा में मोबाइल चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध, देर से आने पर देनी होगी सूचना
स्कूल देर से पहुंचे तो प्रधानाध्यापक को देनी होगी सूचना, आकस्मिक अवकाश के नियम भी हुए सख्त
कक्षा में सिर्फ विभागीय टैबलेट से होगा काम
राजेश कटियार
कानपुर देहात। बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए एक बेहद सख्त और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। निरीक्षण और शिकायतों के आधार पर यह पाया गया है कि कई शिक्षक शिक्षण अवधि के दौरान मोबाइल चलाने या व्यक्तिगत बातचीत में व्यस्त रहते हैं जिसे अध्यापक आचरण नियमावली के खिलाफ मानते हुए विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब स्कूलों में शिक्षण के दौरान मोबाइल से बात करने या उसे चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर इस नियम का उल्लंघन नहीं किया जा सकेगा। विभागीय योजनाओं से जुड़े सभी जरूरी कार्य केवल विभाग द्वारा दिए गए टैबलेट से ही किए जाएंगे। प्रत्येक शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशक द्वारा निर्धारित की गई कक्षाओं में नियमित रूप से शिक्षण कार्य करते हुए पाठ्यक्रम को पूरा किया जाएगा।सभी शिक्षकों को निर्धारित समयावधि में विद्यालय में उपस्थित रहकर शिक्षण कार्य करना होगा। यदि किसी अपरिहार्य कारण से स्कूल पहुंचने में 5 से 10 मिनट की देरी होती है तो इसकी सूचना स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक को अनिवार्य रूप से देनी होगी। कोई भी शिक्षक या कर्मचारी छुट्टी स्वीकृत होने के बाद ही उसका उपभोग कर सकेगा। आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी स्कूल के समय से पहले स्वीकृत कराया गया अवकाश ही मान्य होगा।प्रधानाध्यापकों की यह जिम्मेदारी होगी कि स्कूल समय के दौरान कोई भी छात्र या छात्रा स्कूल परिसर से बाहर न जाए और शिक्षण कार्य करें। स्कूल में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को अभिभावकों से लगातार संपर्क में रहना होगा। विद्यालय में एक बेहतर, उत्साहवर्धक और भयमुक्त वातावरण तैयार करना होगा। विभाग द्वारा डीबीटी के माध्यम से भेजी गई धनराशि से सभी छात्र-छात्राओं के लिए तय सामग्री खरीदकर उन्हें निर्धारित यूनिफॉर्म में स्कूल बुलाना सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही बच्चों को तय मीनू और मात्रा के अनुसार मिड-डे-मील, फल और दूध का वितरण अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इसका कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं।




