किताबों से ब्रेक, हुनर से टेक-ऑफ!
बच्चों को अब हर शनिवार बस्तों के बोझ से मिलेगी मुक्ति

राजेश कटियार
कानपुर देहात। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्कूली बच्चों के समग्र विकास और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने एक बड़ा फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जनपद के सभी परिषदीय उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 10 बैगलेस डेज का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके लिए बकायदा तिथियों और गतिविधियों का पूरा कैलेंडर जारी कर दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा की मुख्यधारा में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से जोड़ना है ताकि बच्चों में कौशल विकास, श्रम की गरिमा और हस्तशिल्प कला को बढ़ावा दिया जा सके। गतिविधियों का कैलेंडर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा तैयार मॉड्यूल के अनुसार जारी किया गया है। अगस्त से नवंबर 2026 के बीच शनिवार के दिनों को बैगलेस डे के रूप में चुना गया है। इसके लिए ₹800 प्रति विद्यालय का बजट भी स्वीकृत किया गया है। मॉड्यूल के अनुसार 22 अगस्त चौथे शनिवार को मिट्टी के खिलौने, स्थानीय शिल्पकार के साथ कौशल कार्यशाला व कला एवं शिल्प प्रदर्शनी में से कोई एक गतिविधि होगी। 29 अगस्त 5 वें शनिवार को औषधीय पौधे के उद्यान का विकास, कंपोस्ट व वर्मी कंपोस्ट का निर्माण व विद्यालय किचन गार्डेन बनाने में से एक गतिविधि आयोजित होगी। 12 सितंबर दूसरे शनिवार को जल संरक्षण व वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधि मृदा परीक्षण एवं कृषि विज्ञान गतिविधियाँ, जैविक खेती प्राकृतिक कृषि परिचय से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। 19 सितंबर तीसरे शनिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा व गुड टच-बैड टच की जानकारी, सिलाई एवं डिजाइन का कार्य तथा कठपुतली निर्माण एवं कहानी मंचन, जूट से काफ्ट निर्माण एवं निष्प्रयोज्य वस्तुओं से गुड़िया बनाने की कला में से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। 26 सितंबर चौथे शनिवार को पतंग बनाने-उड़ाने, विज्ञान एवं नवाचार प्रयोगशाला व स्टेम मॉडल प्रतियोगिता में से कोई एक आयोजित होगी। 3 अक्तूबर पहले शनिवार को वित्तीय साक्षरता व मिनी बैंक, उद्यमिता एवं मॉडल गतिविधि, स्थानीय बैंक / डाकघर /पुलिस थाने / निजी उद्योग का भ्रमण प्रतियोगिता में से कोई एक आयोजित होगी। 10 अक्तूबर दूसरे शनिवार को डूडलिंग व दृश्य रचनात्मक कार्यशाला व भित्ति चित्र निर्माण व संगीत-नाटक इत्यादि में से एक गतिविधि आयोजित होगी। 17 अक्तूबर तीसरे शनिवार को फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी राष्ट्रीय / ऐतिहासिक स्मारकों की यात्रा, सार्वजनिक कार्यालयों का भ्रमण / ग्राम पंचायत चुनाव प्रक्रिया में से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। 24 अक्तूबर चौथे शनिवार को निर्माण स्थल व सार्वजनिक अवसंरचना अध्ययन, स्थानीय उद्योग / कारीगर इकाई भ्रमण, जलापूर्ति एवं सार्वजनिक सेवाओं का अध्ययन में से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। 31 अक्तूबर 5वें शनिवार को एआई, रोबोटिक्स व स्क्रैच कोडिंग एवं कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, ड्रोन, सेंसर एवं उभरती प्रौद्योगिकी जैसी अन्य नई तकनीकी का ज्ञान दिया जाएगा। 14 नवंबर द्वितीय शनिवार को बाल दिवस पर बाल मेला आयोजित किया जाएगा।
नवंबर में लगेगा बाल मेला, उत्कृष्ट छात्र होंगे पुरस्कृत-
10 बैगलेस डेज की गतिविधियों के संपन्न होने के बाद 14 नवंबर 2026 को विद्यालयों में एक भव्य बाल मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों, प्रोजेक्ट्स और मॉडल्स की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस कार्यक्रम में अभिभावकों और एसएमसी सदस्यों को भी आमंत्रित किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे समय सारणी के अनुसार इन गतिविधियों का कड़ाई से और पूरी पारदर्शिता के साथ संचालन सुनिश्चित करें। नो बैग डे के संदर्भ में बीएसए का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को सीखने का एक आनंददायक वातावरण प्रदान करना है। इससे सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था बच्चों में विद्यालय आने के प्रति उत्साह बढ़ाएगी, जिससे वे खेल-खेल में कला एवं संस्कृति की बुनियादी बातें सीख सकेंगे।
किताबों से ब्रेक, हुनर से टेक-ऑफ!
बच्चों को अब हर शनिवार बस्तों के बोझ से मिलेगी मुक्ति
कानपुर देहात। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्कूली बच्चों के समग्र विकास और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने एक बड़ा फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जनपद के सभी परिषदीय उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 10 बैगलेस डेज का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके लिए बकायदा तिथियों और गतिविधियों का पूरा कैलेंडर जारी कर दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा की मुख्यधारा में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से जोड़ना है ताकि बच्चों में कौशल विकास, श्रम की गरिमा और हस्तशिल्प कला को बढ़ावा दिया जा सके। गतिविधियों का कैलेंडर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा तैयार मॉड्यूल के अनुसार जारी किया गया है। अगस्त से नवंबर 2026 के बीच शनिवार के दिनों को बैगलेस डे के रूप में चुना गया है। इसके लिए ₹800 प्रति विद्यालय का बजट भी स्वीकृत किया गया है। मॉड्यूल के अनुसार 22 अगस्त चौथे शनिवार को मिट्टी के खिलौने, स्थानीय शिल्पकार के साथ कौशल कार्यशाला व कला एवं शिल्प प्रदर्शनी में से कोई एक गतिविधि होगी। 29 अगस्त 5 वें शनिवार को औषधीय पौधे के उद्यान का विकास, कंपोस्ट व वर्मी कंपोस्ट का निर्माण व विद्यालय किचन गार्डेन बनाने में से एक गतिविधि आयोजित होगी। 12 सितंबर दूसरे शनिवार को जल संरक्षण व वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधि मृदा परीक्षण एवं कृषि विज्ञान गतिविधियाँ, जैविक खेती प्राकृतिक कृषि परिचय से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। 19 सितंबर तीसरे शनिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा व गुड टच-बैड टच की जानकारी, सिलाई एवं डिजाइन का कार्य तथा कठपुतली निर्माण एवं कहानी मंचन, जूट से काफ्ट निर्माण एवं निष्प्रयोज्य वस्तुओं से गुड़िया बनाने की कला में से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। 26 सितंबर चौथे शनिवार को पतंग बनाने-उड़ाने, विज्ञान एवं नवाचार प्रयोगशाला व स्टेम मॉडल प्रतियोगिता में से कोई एक आयोजित होगी। 3 अक्तूबर पहले शनिवार को वित्तीय साक्षरता व मिनी बैंक, उद्यमिता एवं मॉडल गतिविधि, स्थानीय बैंक / डाकघर /पुलिस थाने / निजी उद्योग का भ्रमण प्रतियोगिता में से कोई एक आयोजित होगी। 10 अक्तूबर दूसरे शनिवार को डूडलिंग व दृश्य रचनात्मक कार्यशाला व भित्ति चित्र निर्माण व संगीत-नाटक इत्यादि में से एक गतिविधि आयोजित होगी। 17 अक्तूबर तीसरे शनिवार को फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी राष्ट्रीय / ऐतिहासिक स्मारकों की यात्रा, सार्वजनिक कार्यालयों का भ्रमण / ग्राम पंचायत चुनाव प्रक्रिया में से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। 24 अक्तूबर चौथे शनिवार को निर्माण स्थल व सार्वजनिक अवसंरचना अध्ययन, स्थानीय उद्योग / कारीगर इकाई भ्रमण, जलापूर्ति एवं सार्वजनिक सेवाओं का अध्ययन में से कोई एक गतिविधि आयोजित होगी। 31 अक्तूबर 5वें शनिवार को एआई, रोबोटिक्स व स्क्रैच कोडिंग एवं कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, ड्रोन, सेंसर एवं उभरती प्रौद्योगिकी जैसी अन्य नई तकनीकी का ज्ञान दिया जाएगा। 14 नवंबर द्वितीय शनिवार को बाल दिवस पर बाल मेला आयोजित किया जाएगा।
नवंबर में लगेगा बाल मेला, उत्कृष्ट छात्र होंगे पुरस्कृत-
10 बैगलेस डेज की गतिविधियों के संपन्न होने के बाद 14 नवंबर 2026 को विद्यालयों में एक भव्य बाल मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों, प्रोजेक्ट्स और मॉडल्स की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस कार्यक्रम में अभिभावकों और एसएमसी सदस्यों को भी आमंत्रित किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे समय सारणी के अनुसार इन गतिविधियों का कड़ाई से और पूरी पारदर्शिता के साथ संचालन सुनिश्चित करें। नो बैग डे के संदर्भ में बीएसए का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को सीखने का एक आनंददायक वातावरण प्रदान करना है। इससे सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था बच्चों में विद्यालय आने के प्रति उत्साह बढ़ाएगी, जिससे वे खेल-खेल में कला एवं संस्कृति की बुनियादी बातें सीख सकेंगे।




