विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर प्रेस वार्ता आयोजित
– एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, कानपुर द्वारा स्तनपान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान
कानपुर,विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त) के उपलक्ष्य में एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, कानपुर द्वारा आज बाल रोग विभाग, जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, कानपुर के अध्यक्ष डॉ. जे. के. गुप्ता, सचिव डॉ. शैलेन्द्र गौतम, प्रो. डॉ. अरुण आर्य तथा डॉ. अमितेश यादव ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2026 की थीम “Breastfeeding for a Sustainable Start in Life: Strengthen What Works” है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नवजात शिशु को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत प्रदान करना, माताओं को स्तनपान के लिए सक्षम बनाना तथा समाज में स्तनपान के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। डॉ. जे. के. गुप्ता ने कहा कि माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु का पहला टीका (First Immunization) है। यह संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करता है तथा शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। उन्होंने कहा कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान प्रारम्भ करना, पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देना तथा छह माह के बाद उचित ऊपरी आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना प्रत्येक परिवार का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान प्रारम्भ कराने की दर 41.8 प्रतिशत से बढ़कर 50.1 प्रतिशत हुई है, जो सकारात्मक संकेत है। किन्तु चिंता का विषय यह है कि छह माह तक केवल स्तनपान कराने की राष्ट्रीय दर 63.7 प्रतिशत से घटकर 55.8 प्रतिशत हो गई है। उत्तर प्रदेश की स्थिति और भी चिंताजनक है, जहाँ यह दर 59.7 प्रतिशत से घटकर मात्र 34.6 प्रतिशत रह गई है। इसका अर्थ है कि प्रदेश के लगभग दो-तिहाई शिशु जीवन के पहले छह माह तक केवल माँ का दूध प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। इस अवसर पर एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, कानपुर ने विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत 1 से 7 अगस्त 2026 तक आयोजित किए जाने वाले विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों की घोषणा भी की। सप्ताह भर के दौरान मेडिकल कॉलेजों, महिला महाविद्यालयों, विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, महिला मंडलों तथा सामुदायिक मंचों पर जागरूकता व्याख्यान, स्तनपान परामर्श, जनसंवाद, संगोष्ठियाँ तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जिनका विस्तृत कार्यक्रम संलग्न है।अंत में एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, कानपुर ने सभी माताओं, परिवारों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, मीडिया एवं सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे स्तनपान को जन-आंदोलन बनाकर प्रत्येक नवजात को जीवन की स्वस्थ एवं सुरक्षित शुरुआत सुनिश्चित करने में अपना सक्रिय योगदान दें।
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर प्रेस वार्ता आयोजित – एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, कानपुर द्वारा स्तनपान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान
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