*उन्नाव में गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग, सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन, बोले- गाय की खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड हो
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ख़बर उन्नाव से है जहां उन्नाव में गौ सम्मान आह्वान अभियान के सदस्यों ने सोमवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इसमें गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने, उनके संरक्षण के लिए अलग मंत्रालय गठित करने और निराश्रित गोवंश की समस्या के समाधान की मांग की गई। अभियान के पदाधिकारी दोपहर करीब एक बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह को ज्ञापन दिया। अभियान के सदस्यों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग दूध निकालने के बाद गायों को सड़कों पर बेसहारा छोड़ देते हैं। इससे गायें पॉलिथीन और कूड़ा खाकर बीमार हो रही हैं, साथ ही सड़क दुर्घटनाओं और जाम जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
बता दे कि उन्होंने मांग की कि गायों को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में गायों के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने की भी मांग की गई। इसमें कहा गया है कि गायों की खरीद-फरोख्त का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए और प्रत्येक गाय का पंजीकरण अनिवार्य हो। इसके अतिरिक्त, गाय की मौत होने पर मनुष्यों की तरह मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाए, ताकि गोवंश का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लग सके। अभियान के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि उनकी मांगों के समर्थन में देशभर से लगभग साढ़े चार करोड़ लोगों के हस्ताक्षर जुटाए गए हैं। इन हस्ताक्षरों का डिजिटल रिकॉर्ड एक पेन ड्राइव में भी तैयार किया गया है, जिसे राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि उन्नाव और आसपास के क्षेत्रों से भी लाखों लोगों ने इस अभियान का समर्थन किया है। अभियान के वक्ताओं ने जोर दिया कि गोवंश संरक्षण किसी राजनीतिक विषय से अधिक एक सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि गायों को राष्ट्रीय माता का दर्जा मिलनेe से उनके संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बन सकेंगे और निराश्रित गोवंश की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त किया और उसे शासन स्तर पर अग्रसारित करने का आश्वासन दिया।
बाइट – गौ रक्षक
*पंकज श्रीवास्तव ब्यूरो*




