अब खेत के तालाब में खिल रहे मोती, तैयार हो रहे डिजाइनर पर्ल
– मत्स्य पालन के साथ मोती उत्पादन का अभिनव प्रयोग, सीपी से उत्पादित हो रही है विभिन्न आकृतियों वाली मोती
-मोती और मत्स्य पालन से बढ़ रही किसानों की आय, जिलाधिकारी ने की सराहना
– जल संरक्षण से आय सृजन तक, खेत तालाबों के बहुउद्देशीय उपयोग पर जोर*
कानपुर नगर, कानपुर नगर के बिधनू विकासखंड स्थित ग्राम सम्भुआ में एक खेत तालाब में मोती उत्पादन और मत्स्य पालन का अभिनव प्रयोग किया जा रहा है। लगभग 30 हजार सीपियों पर आधारित इस परियोजना में प्रति सीपी दो मोती तैयार किए जा रहे हैं। इनमें चयनित सीपियों में विशेष मोल्ड तकनीक के माध्यम से स्वस्तिक, भगवान गणेश, पुष्प, पत्तियों तथा अन्य कलात्मक आकृतियों वाले डिजाइनर पर्ल विकसित किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस परियोजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को इसे जनपद के अन्य खेत तालाब लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। योजना के तहत उन्हें खेत तालाब निर्माण पर 50 प्रतिशत (अधिकतम ₹52,500) का अनुदान डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराया गया। कृषि विभाग एवं मणि एग्रो हब के सहयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने तालाब में मोती की खेती शुरू की। वर्तमान में इस परियोजना को लगभग नौ माह पूरे हो चुके हैं तथा करीब 18 माह में मोती तैयार हो जाएंगे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि खेत तालाब वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और सिंचाई की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने भूमि संरक्षण अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के खेत तालाब लाभार्थियों को मत्स्य पालन, मोती की खेती तथा अन्य बहुउद्देशीय गतिविधियों से जोड़ते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिकाधिक किसान इस नवाचार को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
भूजल सप्ताह के अंतर्गत जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक फलदार पौधा रोपकर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने भूजल सप्ताह के दौरान जनपद के सभी खेत तालाबों की साफ-सफाई तथा उनके आसपास व्यापक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, उप कृषि निदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. आर.एस. वर्मा, जिला कृषि अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किसानों को उन्नतशील ज्वार एवं साँवा की मिनीकिट वितरित की। इस अवसर पर भूमि संरक्षण अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
अब खेत के तालाब में खिल रहे मोती, तैयार हो रहे डिजाइनर पर्ल
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