निजी CBSE/ICSE विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस उपचार योजना में शामिल किए जाने की मांग को लेकर NITA ने एमएलसी को सौंपा ज्ञापन
कानपुर। नेशनल इंडिपेंडेंट टीचर्स एसोसिएशन (NITA) के प्रतिनिधिमंडल ने निजी CBSE एवं ICSE विद्यालयों के शिक्षकों को उत्तर प्रदेश सरकार की कैशलेस उपचार योजना में सम्मिलित किए जाने की मांग को लेकर कानपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के माननीय सदस्य, उत्तर प्रदेश विधान परिषद श्री अरुण पाठक जी एवं कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के माननीय सदस्य, उत्तर प्रदेश विधान परिषद श्री राज बहादुर सिंह चंदेल जी से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने दोनों जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रदेश के लगभग 4,000 CBSE एवं 2,000 ICSE विद्यालयों में कार्यरत लगभग 2.5 से 3 लाख निजी शिक्षकों की समस्याओं एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को विस्तार से रखा। प्रतिनिधियों ने बताया कि निजी विद्यालयों के शिक्षक भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उन्हें भी सरकारी शिक्षकों की भांति कैशलेस उपचार योजना का लाभ मिलना चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से यह मांग रखी गई कि प्रदेश के निजी विद्यालयों के शिक्षकों को भी इस कल्याणकारी योजना के दायरे में शामिल किया जाए, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो सके तथा वे और अधिक समर्पण एवं उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
दोनों जनप्रतिनिधियों ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुना तथा इस विषय पर सकारात्मक पहल करने एवं सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से रखने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर नेशनल इंडिपेंडेंट टीचर्स एसोसिएशन (NITA) की ओर से NITA के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक अवस्थी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत त्रिपाठी, शिरीष गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव प्रशांत शुक्ला, महामंत्री सतेंद्र कटियार, आनंद विश्वकर्मा, शिक्षक नेता अखण्ड प्रताप सिंह एवं सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
नेशनल इंडिपेंडेंट टीचर्स एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश सरकार निजी विद्यालयों के शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कैशलेस उपचार योजना का विस्तार करेगी, जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो सके।




