*बूचड़खानों के खिलाफ किसान यूनियन का प्रदर्शन, अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई की मांग, ज्ञापन सौंपा*
उन्नाव। भारतीय किसान यूनियन (सावित्री) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बूचड़खानों के संचालन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह को सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि जिले में संचालित कुछ बूचड़खाने पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। विशेष रूप से इंडाग्रो फूड्स प्रा. लि. और जे.एस. इंटरनेशनल फूड्स पर मानकों के विपरीत गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया गया है। बता दे कि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन बूचड़खानों से निकलने वाला दूषित पानी आसपास के क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है। इससे जल स्रोत और पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और किसानों को परेशानी हो रही है। दूषित वातावरण के कारण क्षेत्र में बीमारियां फैलने की आशंका भी जताई गई है। भारतीय किसान यूनियन (सावित्री) ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित इकाइयों की गहन जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। मंगलवार दोपहर, किसान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बूचड़खानों की जांच, प्रदूषण नियंत्रण मानकों की प्रभावी निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। किसान नेताओं ने कहा कि उद्योगों को संचालन की अनुमति नियमों के तहत दी जाती है, लेकिन इन नियमों का पालन सुनिश्चित कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन कराने और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कदम उठाने की अपील की। प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि शिकायतों की नियमानुसार जांच की जाएगी और किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
*अस्तित्व कुशवाहा संवाददाता*




