*गंगाघाट नवीन गंगापुल निर्माण में बाधक मकानों पर कार्रवाई शुरू, पुनर्वास की मांग पर अड़े प्रभावित परिवार*
उन्नाव। शुक्लागंज में प्रस्तावित नवीन गंगापुल निर्माण के लिए बाधक बने मकानों को हटाने की कार्रवाई मंगलवार को शुरू हुई। हालांकि तकनीकी दिक्कतों के चलते कार्रवाई सीमित रही। प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था किए बिना मकान न गिराने की मांग उठाई है। सोमवार को नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी, जेई कुंदन और लेखपाल प्रशांत अवस्थी सहित प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी। मकान हटाने के लिए लाई गई मशीन खराब हो जाने के कारण कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी और टीम को वापस लौटना पड़ा।
मंगलवार सुबह दोबारा मशीन पहुंची और कार्रवाई शुरू की गई। दोपहर तक वेद प्रकाश चतुर्वेदी के मकान के एक हिस्से को हटाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल निर्माण के लिए कुल 38 मकान प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें हटाया जाना प्रस्तावित है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि प्रशासन की ओर से पहले पुनर्वास का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उनके रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने मांग की कि मकान हटाने से पहले पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाए। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के भी इंतजाम किए थे। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि नवीन गंगापुल परियोजना को क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, प्रभावित परिवार पुनर्वास और मुआवजे को लेकर लगातार अपनी मांग उठा रहे हैं।
*रमन शर्मा गंगाघाट संवाददाता*




