*कानपुर का ‘महा-घोटाला’: 3200 करोड़ के अवैध लेनदेन का मास्टरमाइंड गिरफ्तार*
*डिस्ट्रिक हेड राहुल द्विवेदी*
Kanpur में करोड़ों रुपये के अवैध वित्तीय लेनदेन के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। Mahfooz Ali उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर करीब 3200 करोड़ रुपये के अवैध ट्रांजेक्शन कराने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उसने फर्जी बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के जरिए देशभर के 400 से अधिक कारोबारियों की रकम इधर-उधर ट्रांसफर कराई।
पुलिस के अनुसार महफूज अली लंबे समय से फरार चल रहा था और दिल्ली, बिहार तथा पश्चिम बंगाल में छिपकर रह रहा था। शहर में प्रवेश करते ही सर्विलांस और तकनीकी मदद से पुलिस ने उसे दबोच लिया। मामले की शुरुआत श्यामनगर क्षेत्र में हुई 25 लाख रुपये की लूट से हुई, जिसने पूरे काले कारोबार का पर्दाफाश कर दिया।
जांच में सामने आया कि मो. वासिद और अरशद नामक युवक महफूज के खाते से निकाले गए 3.20 करोड़ रुपये में से 25 लाख रुपये लेकर जा रहे थे, तभी उनके साथ लूट हुई। पहले दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज से घटना की पुष्टि हो गई। इसके बाद पुलिस ने बेकनगंज, मूलगंज और चमनगंज क्षेत्रों से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट का खुलासा किया।
पूछताछ और बैंक जांच में पता चला कि महफूज अली और उसके रिश्तेदारों के नाम पर 12 बैंकों में 68 खाते संचालित हो रहे थे। करीब ढाई साल में इन खातों में 1600 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला, जबकि आयकर विभाग की जांच में कुल लेनदेन 3200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह रकम टेनरी संचालकों, स्लॉटर हाउस, स्क्रैप कारोबारियों और बड़ी फर्मों से जुड़ी बताई जा रही है।
Raghubir Lal ने बताया कि आरोपी मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करता था और केवल व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए संपर्क में रहता था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सर्विलांस की मदद से उसे ट्रैक किया। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि महफूज अली लोगों को सरकारी योजनाओं और लोन दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लेता था। इन दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाकर फर्जी सिम के माध्यम से ऑनलाइन बैंकिंग संचालित की जाती थी। कुछ खाताधारकों को कमीशन भी दिया जाता था।
महफूज का नेटवर्क Delhi, Punjab, Gujarat, Himachal Pradesh और West Bengal तक फैला हुआ बताया जा रहा है। पुलिस पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में उसके नेटवर्क और रिश्तेदारों की भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ जाजमऊ और चकेरी थानों में कुल छह एफआईआर दर्ज हैं। कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। अब पुलिस और आयकर विभाग हवाला कनेक्शन, बैंक अधिकारियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं।




