106वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2023, संबंधी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ देशभर में लागू हुआ
✅ 106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ भी कहा जाता है, 16 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है।
✅ संवैधानिक (106वां) संशोधन अधिनियम 2023 के तहत, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कानून के प्रावधानों के अनुसार, लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए लगभग एक-तिहाई (33%) आरक्षण का प्रावधान करता है।
✅ आधिकारिक राजपत्र के अनुसार, इस कानून में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने के प्रावधान शामिल हैं, जिसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के कोटे के भीतर भी आरक्षण शामिल है।
✅ साथ ही, यह अनिवार्य किया गया है कि ऐसा आरक्षण कानून लागू होने के बाद होने वाली पहली जनगणना पर आधारित परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी होगा।
✅ इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि आरक्षण लागू होने की तारीख से 15 वर्षों तक जारी रहेगा, और प्रत्येक परिसीमन चक्र के बाद सीटों में रोटेशन (बदलाव) किया जाएगा।
प्रमुख संवैधानिक संशोधन:
✅ 101वां संशोधन (2016): वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया।
✅ 103वां संशोधन (2019): आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को 10% आरक्षण।
✅ 104वां संशोधन (2020): लोकसभा/विधानसभाओं में SC/ST सीटों को 2030 तक बढ़ाया, एंग्लो-इंडियन सीटों को समाप्त किया।
✅ 105वां संशोधन (2021): राज्यों को ओबीसी (OBC) सूची बनाने की शक्ति बहाल की गई।
✅ 106वां संशोधन (2023): नारी शक्ति वंदन अधिनियम – संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 1/3 (33%) सीटें आरक्षित की गईं।
महत्वपूर्ण तथ्य:
✅ संशोधन की प्रक्रिया दक्षिण अफ्रीका के संविधान से प्रेरित है।
✅ केशवानंद भारती मामले (1973) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संसद मूल संरचना (Basic Structure) को नहीं बदल सकती।




