फ्री खाने की लालच में जान से खेल रहे रोडवेज कर्मी, बाबा ढाबा बना यात्रियों की मुसीबत
– ब्यूरो चीफ, जालौन: शैलेन्द्र सिंह तोमर
उरई/कालपी (जालौन)। झांसी से कानपुर मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसों के चालक और कंडक्टर इन दिनों कालपी और भोगनीपुर के बीच एक सुनसान स्थान पर स्थित ‘बाबा ढाबा’ पर बसें रोकना आदत बना चुके हैं। यह ढाबा न तो उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा अधिकृत है और न ही यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा के लिहाज से उपयुक्त।
ढाबा मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर अंदर, घने अंधेरे और वीरान इलाके में स्थित है। यहां न तो कोई पुलिस चौकी है, न रोशनी की व्यवस्था, और न ही शौचालय या पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। बावजूद इसके, ड्राइवर और कंडक्टर यहां फ्री भोजन, चाय-पानी और कभी-कभी नकद इनाम के लालच में बसें रोक रहे हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा और डर का सामना करना पड़ता है।
❗ यात्रियों में असंतोष, महिलाओं में डर
एक महिला यात्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “भोजन का विरोध नहीं है, लेकिन ऐसी जगह बस रुकवाना जहां न सुरक्षा हो न शौचालय — ये बहुत गलत है। हमें खुले में जाना पड़ता है, जो शर्मनाक और असुरक्षित दोनों है।”
❗ ‘सिर्फ भगवान भरोसे’ है सुरक्षा
“इस ढाबे की कोई सुरक्षा नहीं है। अंधेरे में बसें खुले मैदान में रुकती हैं। ड्राइवर-कंडक्टर तो मज़े से खाना खाते हैं, लेकिन यात्री डर के मारे बस से बाहर निकलने से भी कतराते हैं।”
❗ बुज़ुर्गों और बीमार यात्रियों की परेशानी
सेवानिवृत्त बैंककर्मी प्रकाश मिश्रा ने बताया, “शाम सात बजे के बाद इस क्षेत्र में न रोशनी होती है और न कोई सुरक्षा। किसी भी अनहोनी की स्थिति में जिम्मेदारी कौन लेगा?”
❗ ‘फ्री खाना’ बन रहा जानलेवा आदत
स्थानीय व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि कुछ ढाबे वाले फ्री खाना और नकद इनाम देकर चालक-परिचालकों को लुभाते हैं। यह एक प्रकार की अनैतिक प्रथा है, जो यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल रही है।




