“दो रुपये का सिस्टम! मुसीबत में नहीं मिलता सहारा – ये है भारत सरकार का सिस्टम”
📍 ब्यूरो चीफ: जालौन – शैलेन्द्र सिंह तोमर ‘य’
🗞️ रिपोर्ट:
जब आम आदमी पर मुसीबत आती है, तब भारत सरकार का सिस्टम दो कौड़ी का साबित होता है। हेल्पलाइन नंबर, टोल-फ्री नंबर, वेबसाइट – सब दिखावे के औज़ार बन चुके हैं। ज़रूरत के समय कोई नंबर काम नहीं करता, कॉल या तो कट जाता है या कोई जवाब नहीं मिलता। जनता पूछती है – फिर ये नंबर किसके लिए?
जालौन ज़िले के रहने वाले कई लोगों ने शिकायत की है कि न आपदा में राहत मिलती है, न ही सरकारी सहायता का कोई अता-पता होता है। मोबाइल स्क्रीन पर नंबर तो दिखते हैं, पर जवाब में सन्नाटा।
जनता का सवाल है – क्या सिर्फ प्रचार के लिए बने हैं ये सारे सिस्टम? जब एक आम नागरिक को ज़रूरत होती है, तब क्यों सब चुप?
“ये है भारत सरकार का सिस्टम ।




