मूंग की फसल लाचार, किसान बेबस — कालपी तहसील में नहीं हो रही सरकारी खरीदी!
🌾 समर्थन मूल्य बना तमाशा — औने-पौने दाम में बिक रही किसानों की मेहनत!
🖋️ ब्यूरो चीफ़, जालौन — शैलेन्द्र सिंह तोमर
कालपी तहसील (जालौन):
कालपी तहसील के किसान इन दिनों गहरे संकट में हैं। मंडियों में मूंग की सरकारी खरीदी अब तक शुरू नहीं हुई है। किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में भटक रहे हैं, लेकिन न खरीदार हैं, न सरकारी व्यवस्था।
मजबूरी में किसान 5 से 6 हजार रुपए क्विंटल की दर पर मूंग बेचने को विवश हैं, जबकि समर्थन मूल्य इससे कहीं अधिक है।
एक किसान ने कहा, “हम दिन-रात खेत में लगे रहे, सोच रहे थे फसल अच्छा दाम देगी, लेकिन अब तो लागत भी मुश्किल से निकलेगी।”
स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर खरीदी जल्द शुरू नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।




