यूपी – बरेली… शहजाद इक प्रेम कहानी, जो जेल में खत्म हुई
सरकारी नौकरी के झूठ पर रचाई शादी, फर्जीवाड़ा खुला तो पहुंचा सलाखों के पीछे
ब्यूरो चीफ, जालौन: शैलेन्द्र सिंह तोमर
बरेली: मोहब्बत की राह में झूठ का सहारा लेने वाले शहजाद अंसारी की कहानी का अंत अब जेल की सलाखों के पीछे हुआ है। B.Com पास शहजाद को मोहल्ले में रहने वाली इकरा से प्यार हो गया था, लेकिन इकरा के घरवालों ने साफ शर्त रख दी—शादी तभी होगी जब लड़का सरकारी नौकरी में हो।
शहजाद ने भी इरादा कर लिया कि चाहे जो हो, इकरा को हासिल करना है। उसने यूट्यूब से CGL और यूपी पुलिस दरोगा की तैयारी शुरू की। एग्जाम दिया, लेकिन चयन नहीं हुआ। किस्मत ने साथ नहीं दिया, लेकिन शहजाद ने हार नहीं मानी—बल्कि सच छोड़ दिया।
CGL की लिस्ट में जब उसे अपने जैसा नाम “शहजाद अंसारी” 2643 नंबर पर दिखा, तो बिना कुछ सोचे-समझे मिठाई बंटवा दी। गांव में खुद को GST इंस्पेक्टर घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, फर्जी पुलिस यूनिफॉर्म बनवाई, नकली आईडी कार्ड छपवाया और मीडिया में खुद के इंटरव्यू तक चलवा दिए।
शानदार झूठ की नींव पर उसने इकरा के परिवार को मना लिया और पिछले साल धूमधाम से शादी कर ली। कुछ महीनों तक सब ठीक चला, लेकिन सरकारी नौकरी न होने की हकीकत आखिर कब तक छिपती? जब शहजाद रोज़ ऑफिस नहीं जाने लगा और घर में पैसों की तंगी आई, तो इकरा के परिवार को शक हुआ।
जांच में पता चला कि शहजाद न तो किसी पोस्ट पर नियुक्त है, न ही कोई सरकारी कर्मचारी है। फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र मिलने के बाद पुलिस ने शहजाद को गिरफ्तार कर लिया। अब मोहब्बत की ये कहानी एक ऐसा मोड़ ले चुकी है, जहां से वापसी संभव नहीं।
शहजाद की गिरफ्तारी ने न केवल इकरा की ज़िंदगी में भूचाल ला दिया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि झूठ के सहारे बनाए गए रिश्ते ज्यादा दूर तक नहीं चलते।




