*उन्नाव में सड़क हादसे ने छीना घर का सहारा — हरिद्वार से लौट रहे शिवम की दर्दनाक मौत*
*“टायर चेक कर रहा था शिवम, अज्ञात वाहन ने रौंद डाला – 25 साल की उम्र में थम गई ज़िम्मेदारियों की दौड़”*
शनिवार तड़के *दही थाना क्षेत्र* में एक *भीषण सड़क हादसे* में *25 वर्षीय युवक शिवम मौर्य* की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक *रायबरेली के महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र के अतरेहटा गांव* का निवासी था और *डीसीएम लोडर चला कर* अपने परिवार का पेट पालता था।
हरिद्वार से चला था आजमगढ़ की ओर कोल्डड्रिंक से भरा लोडर लेकर शिवम हरिद्वार से आजमगढ़ जा रहा था। तड़के करीब 4 बजे, दही थाना क्षेत्र में गाड़ी का टायर चेक करने के लिए वह नीचे उतरा। तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शिवम की मौके पर ही मौत हो गई।
*परिवार की रीढ़ टूट गई*
शिवम के परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं। *सात साल पहले पिता का कैंसर से निधन* हो चुका है। तब से शिवम और उसका बड़ा भाई गौरव ही घर की ज़िम्मेदारियाँ संभाल रहे थे अब *गौरव (जो दिल्ली में काम करता है)* पर पूरा परिवार आश्रित हो गया है।
*पुलिस की कार्रवाई*
स्थानीय पुलिस ने शव को पोस्टमार्टमके लिए भेज दिया है अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है, हालांकि अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
*परिजनों में कोहराम*
शिवम की मौत की सूचना मिलते ही घर में मातम छा गया।
*मां और बहनों की हालत बेसुध,* गांव में शोक की लहर।
*सवाल जो रह गए पीछे…*
क्या हाईवे पर ट्रैफिक नियमों का पालन सिर्फ एक जिम्मेदारी है या जिंदगी की गारंटी?
अंधेरे में बिना संकेतक या प्रकाश के खड़ी गाड़ियां मौत का न्योता क्यों बनती हैं?
*अस्तित्व कुशवाहा*
उन्नाव संवाददाता




