मैं एक निजी कॉलेज से डिप्लोमा करने के बाद वर्ष 2019 से हेयर ट्रांसप्लांट कर रही हूं। पनकी पॉवर प्लांट में तैनात सहायक अभियंता विनीत दुबे और इंजीनियर मयंक कटियार का मैंने ही केशवपुरम स्थित इंपायर क्लीनिक में हेयर ट्रांसप्लांट किया था। यह क्लीनिक यहां तीन माह पहले ही शिफ्ट किया गया है। इससे पहले कल्याणपुर के आवास विकास में क्लीनिक था, जहां हेयर ट्रांसप्लांट किया जाता था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद से परिवार के साथ फरार हो गई थी। यह बातें डॉ. अनुष्का ने मंगलवार को जेल में दर्ज कराए गए बयान में कहीं। हेयर ट्रांसप्लांट के बाद दो इंजीनियरों की मौत के मामले में जेल में बंद डॉ. अनुष्का के बयान दर्ज करने के लिए मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद विवेचक जेल पहुंचे और अनुष्का के बयान दर्ज किए।
कई और अहम सवालों से उठेगा पर्दा
पुलिस उसके बयानों को विवेचना में शामिल करेगी। डीसीपी (पश्चिम) दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अनुष्का ने इस बात को स्वीकार किया है कि वह वर्ष 2019 से हेयर ट्रांसप्लांट कर रही है। डॉक्टर ने हेयर ट्रांसप्लांट का डिप्लोमा होने की बात भी बताई है। हालांकि यह डिप्लोमा कहां से लिया गया है, इसके बारे में वह नहीं बता सकी। डीसीपी के मुताबिक इसी आधार पर बुधवार को डॉ. अनुष्का का पुलिस कस्टडी रिमांड कोर्ट से मांगा जाएगा। रिमांड के बाद कई और अहम सवालों से पर्दा उठेगा।
डिस्टिक हेड
राहुल द्विवेदी की रिपोर्ट




