जालौन – कालपी
कदौरा ब्लॉक की करमचंद्रपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना में बड़ा घोटाला उजागर, प्रधान के रिश्तेदारों को हुआ लाभ
ब्यूरो चीफ शैलेंद्र सिंह तोमर
प्रधान और सचिव की मिलीभगत से मनरेगा में कागज़ों पर हुए काम, सोशल ऑडिट में सामने आई सच्चाई
जालौन जनपद के कालपी तहसील अंतर्गत कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत करमचंद्रपुर में मनरेगा योजना के तहत हुए फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है। सोशल ऑडिट टीम द्वारा की गई जांच में पाया गया कि मनरेगा के अंतर्गत दर्शाए गए कई कार्य वास्तव में धरातल पर मौजूद ही नहीं हैं।
जिला अधिकारी के आदेश संख्या 57 के तहत गठित टीम के निरीक्षण में सामने आया कि वर्ष 2024-25 के दौरान कराए गए वृक्षारोपण कार्य (ID 143442) की कोई भौतिक उपस्थिति नहीं मिली, जबकि रिकॉर्ड में इसके लिए 60 मानव दिवस सृजित कर ₹14,220 का भुगतान कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के खातों में यह पैसा गया है, वे प्रधान के बेटे, भाई, भतीजे व नजदीकी रिश्तेदार हैं।
इसी प्रकार जालरोक बांध से बसरा संपर्क मार्ग तक के निर्माण कार्य (ID 3872) में भी भारी गड़बड़ी सामने आई। 600 मीटर लंबे मार्ग के लिए 670 मानव दिवस दिखाकर ₹1,58,790 का भुगतान कर दिया गया, लेकिन मौके पर जेसीबी, ट्रैक्टर व अन्य मशीनों से काम कराया गया और मजदूरों को कोई भुगतान नहीं मिला।
सोशल ऑडिट की खुली बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विजय सिंह ने की, जिसमें पर्यवेक्षक मनोज कुमार वर्मा (अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत), सोशल ऑडिट टीम सदस्य महेंद्र कुमार, किशन प्रसाद, सुमन देवी, रोजगार सेविका रंजना, ग्राम प्रधान मलखान सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामवासियों राजू सिंह, विनोद, कालका, सुनील, धीरेंद्र, गुलाम, मनोज, प्रदीप, नारायण आदि ने खुलकर बताया कि पंचायत में वर्षों से भ्रष्टाचार हो रहा है और मनरेगा के नाम पर केवल कागज़ी खानापूर्ति होती है।




