पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प– जिलाधिकारी
12 जुलाई को आयोजित होगा जनपद में वृहद वृक्षारोपण अभियान, तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट में हुई बैठक
नितेश प्रताप सिंह इटावा
इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में पर्यावरण संरक्षण एवं वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईंट भट्ठा संचालकों, कोल्ड स्टोरेज संचालकों तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसहभागिता से हरितिमा बढ़ाने का अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वन विभाग के समन्वय से सभी स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) एवं सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण कराया जाए। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने ईंट भट्ठा संचालकों से कहा कि ईंट पकाने में सर्वाधिक लकड़ी का उपयोग होता है। यदि आज पेड़ नहीं लगाए जाएंगे तो भविष्य में लकड़ी का संकट उत्पन्न होगा और उद्योग भी प्रभावित होगा। इसलिए सभी भट्ठा संचालक वृक्षारोपण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक भट्ठा संचालक किसी एक सड़क अथवा सार्वजनिक स्थान का चयन कर वहां पौधारोपण एवं उसके संरक्षण का दायित्व स्वयं निभाए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है,उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। लाखों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन उचित देखभाल के अभाव में वे जीवित नहीं रह पाते। यदि पौधों की केवल एक-दो वर्ष तक समुचित देखभाल कर ली जाए तो वही पेड़ जीवनभर समाज की सेवा करते हुए शुद्ध ऑक्सीजन, छाया एवं पर्यावरण संरक्षण का आधार बन जाते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी 12 जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान में सभी विभाग, संस्थाएं एवं नागरिक बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने ईंट भट्ठा संचालकों से एक-एक सड़क का चयन कर वृक्षारोपण करने तथा कोल्ड स्टोरेज संचालकों से भी अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन पौधों को हमसे किसी विशेष संसाधन की आवश्यकता नहीं है, बल्कि केवल सेवा, संरक्षण और संवेदनशीलता की जरूरत है। हम सभी इस धरती से निरंतर बहुत कुछ प्राप्त करते हैं, इसलिए हमारा भी कर्तव्य है कि हम प्रकृति को कुछ लौटाएं। उन्होंने अधिकारियों से संपर्क मार्गों एवं अन्य उपयुक्त स्थलों को चिन्हित कर व्यापक स्तर पर पौधारोपण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संगठन एवं आमजन अधिक से अधिक पौधे लगाए तथा लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करें तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं पालन-पोषण को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उक्त बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, सामाजिक निदेशक वानिकी विकास नायक, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद सहित संबंधित विभाग अधिकारीगण उपस्थिति रहे।




