यूपी के सरकारी स्कूलों में सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को मिलेंगे स्मार्ट आईडी कार्ड
राजेश कटियार
लखनऊ/कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राओं और कार्यरत शिक्षकों को अब स्मार्ट पहचान पत्र दिए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक द्वारा दिशा-निर्देश और बजट जारी कर दिया गया है।
कुल 23.62 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत-
शैक्षिक सत्र 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत इस योजना को मंजूरी दी गई है। राज्य के सभी 75 जिलों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए कुल 23,62,29,028 रुपये (लगभग 23.62 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। जारी गाइडलाइंस के अनुसार आईडी कार्ड साधारण कागज का कार्ड नहीं होगा बल्कि इसे उच्च गुणवत्ता और आधुनिक मानकों के साथ तैयार किया जाएगा। यह पूरी तरह वाटर रेजिस्टेंस और लंबे समय तक चलने वाले पीवीसी आधार कार्ड (लैमिनेटेड) जैसा होगा। इसका साइज मानक 3.375″ x 2.125″ तय किया गया है।
शिक्षकों के कार्ड पर विवरण:
शिक्षक का नाम, पदनाम, मानव संपदा कोड, विद्यालय का नाम, ब्लॉक, जिला, जन्मतिथि, ब्लड ग्रुप, फोन नंबर और क्यूआर कोड मौजूद रहेगा। इसमें पीएम श्री और निपुण भारत मिशन का लोगो भी शामिल होगा।
छात्रों के कार्ड पर विवरण:
छात्र/छात्रा का नाम, कक्षा, रोल नंबर, विद्यालय का नाम, छात्र आईडी/यू-डाइस कोड, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, ब्लड ग्रुप और पता दर्ज होगा।
जिलों को मिली सख्त हिदायत-
महानिदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस बजट का उपयोग केवल इसी कार्य के लिए किया जाए। कार्ड की छपाई और विवरणों में किसी भी प्रकार की गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक और संबंधित अधिकारियों की होगी। कार्ड वितरण का काम पारदर्शी तरीके से तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए आशीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि शासन की मंशानुरूप परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के विवरणों को पारदर्शी व डिजिटल माध्यम से अपडेट करने की यह एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल है। जनपद कानपुर देहात में इस योजना को पूरी शुचिता और तय समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाएगा। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल के प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कार्ड में प्रिंट होने वाले डेटा में किसी भी प्रकार की मानवीय त्रुटि न हो। विद्यालय स्तर पर सभी विवरणों का गहनता से सत्यापन कराया जाएगा और त्रुटिहीन स्मार्ट कार्ड का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।




