मानस संगम के मंच तले मनाई गई भव्य तुलसी जयंती*
*तुलसी उपवन ने आध्यात्मिक विरासत को बचा कर रखा : दिनेश शर्मा
कानपुर नगर, अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था ‘मानस संगम’ द्वारा तुलसी उपवन, मोतीझील कानपुर में पैतालिसवाँ तुलसी जयंती समारोह मनाया गया |
तुलसी उपवन के मुख्य द्वार पर राघव नारायण तिवारी ने मुख्य अतिथि श्री दिनेश शर्मा एवं अन्य सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया |
सांसद एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश दिनेश शर्मा ने कहा – _”देश में कश्मीर से कन्याकुमारी तक रामचरितमानस को घर-घर पहुँचाने का काम बाबा तुलसी दास जी ने किया, प्रथम अवसर है जब मुझे बाबा तुलसी के इस महत्वपूर्ण उद्यान में आने का अवसर मिला, तुलसी जी की स्मृतियों को ताजा करने में जो योगदान शिवाला के मानस संगम परिवार का है, वो अद्भुत और देव दुर्लभ है| रामचरितमानस ने हिन्दू संस्कृति को सुरक्षित रखा आज ना सिर्फ मानस के विश्लेषण की आवश्यकता है बल्कि उसे युवाओं से जोड़ने की आवश्यकता है| सांस्कृतिक विरासत संरक्षण हेतु टूट रहे संयुक्त परिवारों को जोड़ने की आवश्यकता है, जिसके लिए नए बच्चों को उचित समय पर विवाह सम्पन्न करना चाहिए|
*डॉ• दिनेश शर्मा* ने कहा _तुलसी उपवन पार्क को सर्किट में लाने की जो माँग है बेहद प्रशंसनीय है, वर्ष 1998 में मेरे द्वारा ही पर्यटन नीति में इस सर्किट श्रृंखला की योजना बनाई गई थी, जिस पर्यटन पर बाद में मैंने किताब भी लिखी और दो पी•एच•डी• भी करवाई|
कार्यक्रम में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उ•प्र• सरकार दया शंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा की _अपने जीवन में मैंने ऐसा उपवन आज से पहले नहीं देखा था, मानस संगम ने रामायण के हर चरित्र को मूर्त रूप में यहाँ प्रस्तुत कर दिया है| मैं काशी से आता हूँ वहाँ भी तुलसीदास जी के जीवंत प्रमाण आज भी संरक्षित और सुरक्षित हैं|
विधायक नीलिमा कटियार ने कहा – _तुलसीदास सामाजिक समरसता के प्रतीक थे | हम स्व. बद्री नारायण तिवारी जी के संस्कारों के आभारी हैं जिन्होंने कानपुर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को पहचान दी, ये उनके द्वारा संप्रेषित संस्कारों का व्यवहारिक प्रमाण ही है जो मानस का पोषण निरंतर करता रहा है|_
एम•एल•सी• अरुण पाठक* ने कहा _मानस सनातन धर्म का जीवंत दर्शन है किसी भी चरित्र और पात्र से बहुत कुछ सीखा जा सकता है| सीता जी से धैर्य, उर्मिला से त्याग, मंदोदरी से दूरदृष्टि सीखी जा सकती है| कैकई से राजनीति व सुरसा से रक्षा की पराकाष्ठता एवं सबरी से भक्ति सीखी जा सकती है|_
सांसद रमेश अवस्थी* ने कहा रामचरितमानस से मानव चरित्र को बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है, निजी जीवन हो या सार्वजनिक जीवन मानस का साथ हमेशा प्रगतिवान होता है|
अभिनव नारायण तिवारी ने श्री वेणु रंजन भदौरिया, भाजपा कानपुर अध्यक्ष अनिल दीक्षित, एम•एल•सी• अरुण पाठक व विधायक नीलिमा कटियार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया |
कार्यक्रम में कविवर दीन मोहम्मद दीन, कवि दिलीप दुबे एवं कवि अनिल दीक्षित ने अपनी काव्य प्रस्तुति दी|
*विशेष सम्मान*
कानपुर के पद्मश्री श्यामलाल गुप्त द्वारा रचित झंडा गीत को राष्ट्रीय गौरव दिलाने हेतु मा० सांसद महोदय ने उक्त संदर्भ में दिनांक 9 अगस्त 2026 को ‘राष्ट्रीय ध्वज गीत विधेयक’ को लोकसभा के पटल पर प्रस्तुत किया था। जिसके चलते सांसद रमेश अवस्थी को मानस संगम की ओर से अध्यक्ष विजय नारायण तिवारी ‘मुकुल’ ने तुलसी जयंती के अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया। कार्यक्रम में लोकगीत एवं परम्परिक गायन हेतु श्रीमती कविता सिंह को *डॉ• बद्री नारायण तिवारी स्मृति सम्मान 2026* से नवाज़ा गया|
कार्यक्रम का संयोजन विजय नारायण तिवारी ‘मुकुल’ ने किया व संचालन डॉ• प्रदीप दीक्षित व मनोज सेंगर ने किया | कार्यक्रम में मुख्य रूप से, प्रभाकर श्रीवास्तव, राजेश पाठक, गौरव पाठक, एड. जीतेन्द्र सिंह, डॉ. रमेश वर्मा, अनिल कुमार शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव, सुनील दुबे, उमंग अग्रवाल, श्याम अरोड़ा, डॉ. बीना सिंह, डॉ• बी एन त्रिपाठी, अरुण कुमार मिश्रा, संजय बाजपेई, अशोक मिश्रा, संजय त्रिवेदी, रजोल शुक्ला, सुरेश गुप्ता, उमंग अग्रवाल, अभिनव तिवारी, अशोक मिश्रा, सतीश तिवारी,, राम गोपाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे |_




