को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को बालवाटिका के रूप में संवारने और 15 अगस्त को विशेष आयोजन के निर्देश
राजेश कटियार
लखनऊ/कानपुर देहात। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पूर्व प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए विद्यालय परिसरों में चल रहे को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक बालवाटिका के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही आगामी स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 पर इन बालवाटिकाओं में विशेष कार्यक्रमों के आयोजन के आदेश दिए गए हैं। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जारी पत्र के अनुसार विद्यालयों को पूर्व में भेजी जा चुकी कंपोजिट ग्रांट की राशि से बालवाटिकाओं में जरूरी मरम्मत, स्वच्छता, रंगाई-पुताई और साज-सज्जा का काम सुनिश्चित किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि बच्चों के लिए एक आकर्षक, रंग-बिरंगा और प्रिंट रिच (पढ़ने-सीखने के अनुकूल) वातावरण तैयार किया जा सके। यह सभी कार्य 15 अगस्त 2026 से पहले पूरे करने के निर्देश हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक के नेतृत्व में ध्वजारोहण कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में बालवाटिका के छोटे बच्चों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इस दौरान बच्चे अपनी प्रतिभा के अनुसार प्रस्तुतियां देंगे। इस विशेष आयोजन में स्थानीय समुदाय और अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से समाज को विद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक वातावरण और पूर्व प्राथमिक शिक्षा की उपलब्धता व महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही इन गतिविधियों से जुड़े फोटोग्राफ प्री-प्राइमरी यूनिट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजने होंगे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा से प्राप्त दिशा-निर्देशों का जनपद के सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत, प्रिंट-रिच वातावरण तैयार करने और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर बालवाटिका के बच्चों को शामिल करते हुए विशेष आयोजन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विद्यालय स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।




