दिल्ली विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो के पी सिंह की पुस्तक का हुआ लोकार्पण।

नई दिल्ली।
दिल्ली विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.के.पी. सिंह द्वारा संपादित पुस्तक “ए सक्सिंक्ट: कलाइडस्कोपिक वॉइज ऑफ एकेडमिक ऑफ द डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फोर्मेशन साइंस यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली और प्रणामी संप्रदाय की महारानी बाईजुराज के जीवन पर आधारित “बाईजुराज”आद्य जागनी पीठ के युवा उपासक एवं दार्शनिक विश्वमोहन मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन हुआ।
प्रो.सिंह की पुस्तक पुस्तकालय एवं सूचना विभाग के 1946 से 2026 तक 80 वर्षों के गौरवशाली यात्रा का प्रामाणिक एवं सचित्र दस्तावेज है।इसमें विभाग की स्थापना,विकास यात्रा,शैक्षणिक उपलब्धियों,प्रतिष्ठित शिक्षकों,विशिष्ठ पूर्व छात्रों,प्लेटिनम जुबली समारोह तथा विभाग की समृद्ध विरासत का विस्तृत एवं प्रेरणादायक वर्णन किया गया है।
प्रो.सिंह एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्,अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शोधकर्ता,प्रसिद्ध लेखक,लोकप्रिय शिक्षक,समाज सेवी,कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं।इन्होंने अब तक 40 पुस्तकों का लेखन एवं संपादन किया है।इनके राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र-पत्रिकाओं में लगभग 195 शोध-पत्र प्रकाशित हुए हैं।इनके मार्गदर्शन में 18 पीएच.डी;38 एम.फिल;160 से अधिक स्नातकोत्तर शोध-परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूर्ण हुई हैं।इनकी चर्चित एवं बहु प्रशंसनीय कृतियों में श्रीराम मंदिर:गर्भ से गर्व तक की कहानी 2026;न्यू पार्लियामेंट:द वाइस ऑफ भारत 2026;द लीडरशिप फ्यूनेल:लेफ्टिनेंट जरनल गुरमीत सिंह जर्नी एज ए गवर्नर 2026;एलआईएस ऐजुकेशन एंड रिसर्च इन इंडिया 2026; प्लेयर:बियॉंड द कैनवास; ब्रेकिंग बाउंड्रीज 2026;द प्लानर:एक्शन्स एंड रिफ्लेक्शंस 2025; मोदी@डीयू:कलर्स ऑफ सेंचुरी सेलिब्रेशन्स 2024; प्लेइंग फ्रोम द फ्रंट:ए स्टोरी ऑफ अनफोल्ड एक्टस् ऑफ ए लाइब्रेरी एंड इन्फोर्मेशन साइंस टीचर 2020 और महत्वपूर्ण पुस्तक प्रो.के.पी.सिंह:मीडिया के आईने में 2026 विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
वर्तमान में प्रो.के.पी.सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष,गांधी भवन के निदेशक,पीजी छात्रावास के प्रोवोस्ट,नॉर्थ-ईस्टर्न हॉस्टल फॉर विमेन की प्रबंध समिति और दिल्ली लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण दायित्वों का सफल और कुशल निर्वाहन कर रहे हैं।शिक्षा,शोध,संस्थान निर्माण और शैक्षणिक नेतृत्व के क्षेत्र में इनके उल्लेखनीय योगदान ने इन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आद्य जागनीपीठ श्री 5 महामंगलपुरीधाम,सूरत के प्रमुख जगद्गुरु धर्माचार्य श्री 108 सूर्यनारायणदास जी महाराज ने दोनों पुस्तकों के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं,बल्कि संस्कार,चरित्र और मानवीय मूल्यों का निर्माण करना भी है।उन्होंने भविष्य में विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में प्रणामी साहित्य को भी स्थान मिलने की आशा व्यक्त की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता जेएनयू की प्रो.वंदना झा ने “बाईजुराज” पुस्तक को प्रेम,समर्पण और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त दस्तावेज बताते हुए इसकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो.के.पी.सिंह ने कहा कि विभाग के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि जगद्गुरु धर्माचार्य श्री 108 सूर्यनारायणदास जी महाराज एवं अन्य पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति में इन दोनों महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण हुआ।उन्होंने कहा कि विभाग निरंतर नवाचार,शैक्षणिक उत्कृष्टता,अनुसंधान,तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंत में श्री विश्वमोहन मिश्र ने सभी अतिथियों,विद्वानों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।आयोजन में प्राध्यापक,शोधार्थी, विद्यार्थी,आद्य जागनी पीठ के उपासक तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।




