कुनैरा नवग्रह अहिंसा तीर्थ में भक्ति के रंग में रंगा भक्तामर विधान, श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
नितेश प्रताप सिंह इटावा
इटावा। श्री दिगम्बर जैन नवग्रह अहिंसा तीर्थ क्षेत्र, कुनैरा में आयोजित भक्तामर विधान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच सम्पन्न हुआ। क्षुल्लक 105 प्रगुण सागर महाराज एवं क्षुल्लक 105 परमानंद सागर महाराज के सान्निध्य में हुए इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर के जलाभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। इसके उपरांत भक्तामर विधान के अंतर्गत भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों का विधि-विधानपूर्वक पाठ किया गया। प्रत्येक श्लोक के साथ श्रद्धालुओं ने नारियल अर्पित कर मंगल कामना की। पूरे आयोजन के दौरान तीर्थ क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और जयघोषों से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर क्षुल्लक 105 प्रगुण सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि आचार्य मानतुंग रचित भक्तामर स्तोत्र जैन धर्म का अनुपम आध्यात्मिक ग्रंथ है। इसके नियमित पाठ से मन को शांति, विचारों में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और एकाग्रता प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों का अपना-अपना विशिष्ट आध्यात्मिक महत्व है और श्रद्धाभाव से किए गए पाठ से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। विधान के समापन पर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, समाज में सद्भाव और समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगलकामना की। रविवार को विधान कराने का सौभाग्य अनिल कुमार जैन, बॉबी जैन, ऋषभ जैन सहित अन्य परिवारों को मिला। विधान में विश्व जैन संग़ठन के अध्यक्ष आकाशदीप जैन, सीमा जैन, विशाल जैन, रेशू जैन, अनवी जैन, अनन्त जैन, सोभर कांत जैन, पारुल जैन, आर्जव जैन, आयांश जैन, प्रियंका जैन गौरव जैन, आकांक्षा जैन, मनीषा जैन, स्वेता जैन, अंशुल जैन, शालिनी जैन, रेखा जैन, तन्मय जैन सहित बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे।




