*DICCI कार्यक्रम महिला वक्ता की टिप्पणी पर हंगामा, उन्नाव में नीची जाति शब्द के प्रयोग से भड़के प्रतिभागी, जांच की मांग।*
ख़बर उन्नाव से है जहां अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित DICCI एवं SC/ST हब के एक कार्यक्रम में विवाद हो गया। कार्यक्रम के दौरान एक महिला वक्ता की टिप्पणी
को लेकर कुछ प्रतिभागियों ने नाराजगी व्यक्त की, जिसके बाद बहस की स्थिति बन गई।
यह कार्यक्रम एससी-एसटी समाज के नए और मौजूदा उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, नेटवर्किंग और व्यापारिक अवसरों की जानकारी देने के लिए आयोजित किया गया था। इसमें विभिन्न विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उद्यमिता, लोन योजनाओं, एमएसएमई और सरकारी सहायता से संबंधित जानकारी दी। HAL और पावरग्रिड जैसे संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी प्रेजेंटेशन दिए।
बता दे कि कार्यक्रम के दौरान, DICCI की एक महिला प्रतिनिधि ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना है, और ऐसे कार्यक्रमों से गरीब एवं जरूरतमंदों को जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि DICCI एससी-एसटी समाज के लोगों को उद्यमी बनाने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम कर रही है। इसी बातचीत के दौरान, हितेश कुमार नामक एक युवक ने महिला प्रतिनिधि की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। हितेश कुमार का आरोप है कि महिला वक्ता ने “नीची जाति” शब्द का प्रयोग किया, जिससे समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोध करने पर कथित तौर पर और भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। युवक ने इस घटना को समाज का अपमान बताते हुए मामले की जांच और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हितेश कुमार ने मीडिया को बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग उद्यमिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने आए थे, लेकिन उन्हें सम्मान देने के बजाय अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा, जिससे उनमें नाराजगी फैल गई।
बाइट – हितेश कुमार, प्रतिभागी युवक
बाइट – महिला वक्ता की मांग
ख़बर उन्नाव से है जहां अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित DICCI एवं SC/ST हब के एक कार्यक्रम में विवाद हो गया। कार्यक्रम के दौरान एक महिला वक्ता की टिप्पणी को लेकर कुछ प्रतिभागियों ने नाराजगी व्यक्त की, जिसके बाद बहस की स्थिति बन गई।
यह कार्यक्रम एससी-एसटी समाज के नए और मौजूदा उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, नेटवर्किंग और व्यापारिक अवसरों की जानकारी देने के लिए आयोजित किया गया था। इसमें विभिन्न विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उद्यमिता, लोन योजनाओं, एमएसएमई और सरकारी सहायता से संबंधित जानकारी दी। HAL और पावरग्रिड जैसे संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी प्रेजेंटेशन दिए।
बता दे कि कार्यक्रम के दौरान, DICCI की एक महिला प्रतिनिधि ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना है, और ऐसे कार्यक्रमों से गरीब एवं जरूरतमंदों को जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि DICCI एससी-एसटी समाज के लोगों को उद्यमी बनाने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम कर रही है। इसी बातचीत के दौरान, हितेश कुमार नामक एक युवक ने महिला प्रतिनिधि की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। हितेश कुमार का आरोप है कि महिला वक्ता ने “नीची जाति” शब्द का प्रयोग किया, जिससे समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोध करने पर कथित तौर पर और भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। युवक ने इस घटना को समाज का अपमान बताते हुए मामले की जांच और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हितेश कुमार ने मीडिया को बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग उद्यमिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने आए थे, लेकिन उन्हें सम्मान देने के बजाय अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा, जिससे उनमें नाराजगी फैल गई।
बाइट – हितेश कुमार, प्रतिभागी युवक
बाइट – महिला वक्ता
*अस्तित्व कुशवाहा संवाददाता*




