दिल्ली पुस्तकालय संघ का 88 वां स्थापना दिवस एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न।

विश्वविद्यालय पुस्तकालयों से ही आगे बढ़ते हैं :-प्रो. प्रेम सिंह
नई दिल्ली।
दिल्ली विश्वविद्यालय गांधी भवन में दिल्ली पुस्तकालय संघ का 88 वां स्थापना दिवस एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ।डीएलए के अध्यक्ष,गांधी भवन के निदेशक एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. के.पी. सिंह ने सभी आगंतुक अतिथियों का परिचय कराया।अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह से स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पूर्व पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. प्रेम सिंह जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रो. एस आर रंगनाथन जैसे व्यक्तित्वों की कर्मठता के कारण आज हम पुस्तकालय विज्ञान विभाग को जान पाए हैं। गणित के प्रोफेसर होने के बाद भी प्रो. रंगनाथन जी की पुस्तकालय विज्ञान विषय को लेकर जो निष्ठा थी उसको शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।विश्वविद्यालय पुस्तकालयों के बिना अधूरे हैं।विश्वविद्यालय पुस्तकालयों से ही आगे बढ़ सकते है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के आरंभ के समय से 1960 के दशक तक की पुस्तकालय विज्ञान विभाग एवं पुस्तकालय की यात्रा का संस्मरण याद करते हुए उनको जीवंत किया। उन्होंने बताया कि किस तरह से 1957 में दिल्ली विश्वविद्यालय में केंद्रीय पुस्तकालय का निर्माण संभव हुआ।41605 पुस्तकों से 3 लाख पुस्तकों के संकलन तक का ऐतिहासिक समय 1965 तक रहा।उन्होंने प्रो. एस.दासगुप्ता के योगदान को भी स्मरण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुस्तकालय विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष,प्रो. आर.के भट्ट ने सभी का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा प्रो.के पी सिंह जैसे कर्मयोगी जीवन में बहुत कम मिलते हैं। स्व प्रेरणा से आगे बढ़ने की जिजीविषा,कर्मठता इनके व्यक्तित्व को अति विशेष बनाती है। प्रो. के पी सिंह दिल्ली पुस्तकालय संघ की आज की प्रगति के भी परिचायक हैं।कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय की डीन(अकादमिक गतिविधि) प्रो.के.रत्नावली ने अपने संबोधन में सबसे पहले डीएलए का आभार प्रकट किया। उन्होंने प्रो.के.पी.सिंह की कर्मठता की प्रशंसा की। पुस्तकालय एक संस्थान के रूप में विकसित हों यही कामना है |उन्होंने दिल्ली पुस्तकालय संघ के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। तत्पश्चात दिल्ली पुस्तकालय संघ का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न हुआ।
इसमें प्रो. प्रेम सिंह को सर जॉन सर्जेंट लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, श्री जयवीर सिंह को आउटस्टैंडिंग प्रमोशन एंबेसेडर अवार्ड ,श्री ए के सलिया को संत वशिष्ठ आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवार्ड, डॉ. ऋतु वर्मा को प्रो.सी.पी. वशिष्ठ लाइब्रेरी इनोवेशन अवॉर्ड एवं डॉ. अशोक कुमार को प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ साथ पुस्तकालय विज्ञान विभाग के छात्र छात्राओं को उनके उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ.ज्ञानेंद्र सिंह ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्राध्यापक डॉ.पिंकी शर्मा ने किया। कार्यक्रम में कई संकाय प्रमुख, विभागध्यक्ष, महाविद्यालयों के प्राध्यापक गण,शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे|




