नामांतरण शुल्क में बड़ी राहत: अब 6500 रुपये में होगा भवनों का ट्रांसफर
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
कानपुर। नगर निगम कार्यकारिणी समिति की शनिवार को हुई बैठक में शहरवासियों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया गया। अब आवासीय व व्यावसायिक सभी प्रकार की संपत्तियों का नामांतरण मात्र 6500 रुपये में किया जाएगा। इसमें 5000 रुपये नामांतरण शुल्क, 1000 रुपये आवेदन शुल्क और 500 रुपये विज्ञापन शुल्क शामिल हैं।
अब तक नई संपत्ति के नामांतरण पर डीएम सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति मूल्य का एक प्रतिशत शुल्क देना पड़ता था, जिसे समाप्त कर दिया गया है। प्रमिला पांडेय ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि नई व्यवस्था एक मार्च से लागू की जाए।
110 वार्डों में 12 करोड़ के विकास कार्य
बैठक में तय हुआ कि सभी 110 वार्डों में 20-20 लाख रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। कुल 12 करोड़ रुपये की लागत से सिविल कार्यों के साथ स्ट्रीट लाइट भी लगाई जा सकेंगी। टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर मार्च में काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गंगा मेला के बाद होगा होली महोत्सव
कार्यकारिणी ने गंगा मेला के बाद शहर में होली महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया। कार्यक्रम की रूपरेखा जल्द तय की जाएगी।
कूड़े से बनेगा पीएनजी, सीयूजीएल को सशर्त मंजूरी
भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़े से पीएनजी बनाने के प्रस्ताव को कार्यकारिणी ने सशर्त मंजूरी दी। Central UP Gas Limited को प्लांट संचालन की अनुमति देने का प्रस्ताव अब नगर निगम सदन में रखा जाएगा।
महापौर ने स्पष्ट किया कि कंपनी को प्लांट लगाने की लागत का 10 प्रतिशत नगर निगम में जमा करना होगा। सदन की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
119 करोड़ के 18 कार्यों को मिलेगी रफ्तार
अवस्थापना निधि के तहत 119 करोड़ रुपये के 18 विकास कार्य प्रस्तावित हैं। महापौर ने कमेटी की बैठक जल्द बुलाकर स्वीकृति के बाद कार्य शुरू कराने की बात कही।
चौराहों के नामकरण के 25 प्रस्ताव
बैठक में गोल चौराहे का नाम चंद्रशेखर आजाद के नाम पर रखने सहित 25 प्रस्ताव आए। अधिकारियों को सत्यापन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। बिरहाना रोड पर महापुरुष की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जाएगा।
देर से नामांतरण पर लगेगा जुर्माना
रजिस्ट्री के बाद नामांतरण में देरी करने पर जुर्माना जारी रहेगा—
1-3 वर्ष: ₹1000
3-5 वर्ष: ₹2000
5-10 वर्ष: ₹5000
10 वर्ष से अधिक: ₹10,000
नगर निगम के इस फैसले से शहरवासियों को आर्थिक राहत मिलने के साथ विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।




