*कानपुर नगर के फर्जी डिग्री रॉकेट गिरोह में शुक्लागंज की एक महिला और एक व्यक्ति का नाम शामिल सूत्र😱?:*
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
पुलिस आयुक्त ने सभी फर्जी डिग्री के प्राप्त किए सभी 900 प्रमाण पत्र की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए ?
कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त ने कहा है फर्जी,डिग्री में शामिल किसी भी दोषी या खरीदने वाला हो या बेचने वाला हो बक्सा नहीं जाएगा
कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त ने इस फर्जी डिग्री के लिए एक विशेष टीम गठित की ?
14 यूनिवर्सिटी के नाम पर 900 डिग्री के फर्जी दस्तावेज बरामद करोड़ों की संपत्ति खड़ी
कानपुर में घर बैठे डिग्री दिलाने वाले संगठन गिरोह का खुलासा हुआ है पुलिस कमिश्नर ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए ऐसे रॉकेट का पर्दा पास किया जो बिना परीक्षा दिलाई हाई स्कूल इंटरमीडिएट से लेकर बीटेक बीफार्मा डीफार्मा तक की फर्जी डिग्री तैयार कर बेच रहा था
पुलिस के अनुसार 14 विश्वविद्यालय के नाम पर करीब 900 डिग्रियां और दस्तावेज बरामद किए गए जांच में सामने आया कि गिरोह अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था और उत्तर प्रदेश समेत 9 राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ था
रेट लिस्ट तय परीक्षा नहीं?
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की डिग्री लगभग ₹50,000 में ग्रेजुएशन करीब डेढ़ लाख रुपए में बीफार्मा और डीफार्मा की डिग्री 50 से 75 हजार रुपए में और एलएलबी की डिग्री करीब ढाई लाख रुपए में बिना परीक्षा दिए उपलब्ध कराई जाती थी बीटेक की डिग्री के लिए एक से डेढ़ लाख रुपए लिए जाते थे
जांच में या भी सामने आया कि प्राइवेट विश्वविद्यालय में नामांकन दिखाकर फर्जी मार्कशीट तैयार की जाती थे इस गैंग में जुड़े कुछ कर्मचारी कथित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन डाटा अपलोड भी करते थे ताकि दस्तावेज असली प्रतीत हो
खाते और पोस्ट डेटेड चेक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 से 60 लख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक बरामद किए एसबीआई कार्ड और बैंक के खाते की जांच जारी है
कुछ वकीलों के नाम भी सामने आए
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक 10 ऐसे अधिवक्ताओं के नाम सामने आए जिन्होंने इस गैंग से फर्जी एलएलबी डिग्री हासिल की इन लोगों के नामो की अलग से जांच की जा रही है
सरगना की करोड़ों की संपत्ति
गिरोह का मुख्य आरोपीय शैलेंद्र बताया जा रहा है पुलिस के अनुसार उसके पास करोड़ों की संपत्ति है साकेत नगर में करीब 50 लाख का अपार्टमेंट है और पनकी में 30 लाख का फ्लैट और अन्य स्थानों में जमीन में संपत्ति की जानकारी मिली है
पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबीश दे रही है
फर्जी डिग्री रैकेट केवल धोखाधड़ी नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था पेशावर संस्थाओं और न्याय प्रणाली के लिए गंभीर खतरा है यदि बिना परीक्षा के डॉक्टर और इंजीनियर या वकील तैयार हो रहे
इस मामले में तीन स्तर की जांच आवश्यक है
निंलिखित बिंदुओं पर जांच की मांग?
(1)उपरोक्त मामले से जुड़े सभी लोगो की पहचान और सत्यापन की जांच?
(2)उपरोक्त संबंधित विश्वविद्यालय और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच?
(3)उपरोक्त डिटेल रिकॉर्ड अपलोडिंग की प्रक्रिया की फॉरेंसिक की जांच?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्लागंज जनपद उन्नाव के भी दो लोग इस फर्जी डिग्री गैंग में शामिल है जिसमें एक महिला और एक व्यक्ति का नाम होना बताया जा रहा है सभी प्राप्त 900 प्रमाण पत्र की हर एक बिंदु की जांच जारी है
फर्जी डिग्री खरीदना वाले भी उतने ही जिम्मेदार जितने बेचने वाले है अब देखना है यह की जांच सिर्फ कागज की कार्यवाही तक ही सीमित रहती है यह पूरी व्यवस्था की सफाई तक पहुंचती है




