आईआईटी कानपुर में लैब जूनियर टेक्नीशियन की आत्महत्या से हड़कंप, मंगेतर से बहस के बाद उठाया खौफनाक कदम, सुसाइड नोट
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर परिसर में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब संस्थान में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदय विदारक घटना ने आईआईटी शोक व्याप्त हो गया है। पुलिस को मृतका के कमरे से सुसाइड नोट, एक डायरी और कई हस्तलिखित पर्चियां मिली हैं, जिनमें मानसिक तनाव और भावनात्मक दबाव की बातें सामने आई हैं।
पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान अंजू कुमारी के रूप में हुई है, जो पिछले तीन वर्षों से आईआईटी कानपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में लैब जूनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थीं। वह कैंपस के आवासीय परिसर में रहती थीं। शनिवार को जब काफी देर तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों को शक हुआ, जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस और फील्ड यूनिट
सूचना मिलते ही थाना कल्याणपुर पुलिस और फील्ड यूनिट तत्काल मौके पर पहुंची। दरवाजा खोलने पर अंजू का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और कमरे की गहन तलाशी ली। इसी दौरान सुसाइड नोट और डायरी बरामद हुई, जिन्हें जांच में शामिल कर लिया गया है।
मंगेतर से विवाद बना आत्महत्या की वजह?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से कुछ समय पहले अंजू की अपने मंगेतर से फोन पर बातचीत के दौरान कहासुनी हुई थी। पुलिस इस बातचीत के कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि पारिवारिक और निजी जीवन से जुड़े तनाव के कारण वह मानसिक दबाव में थीं।
हैंडराइटिंग और दस्तावेजों की जांच
बरामद सुसाइड नोट और पर्चियों की हैंडराइटिंग जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सभी दस्तावेज मृतका द्वारा ही लिखे गए हैं। साथ ही डायरी में दर्ज बातों का विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे आत्महत्या के पीछे के कारणों की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
पुलिस अधिकारियों का बयान
पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस. एम. कासिम आबिदी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक और निजी कारणों से उत्पन्न मानसिक तनाव का प्रतीत हो रहा है। मंगेतर से हुई बातचीत सहित सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कैंपस में शोक का माहौल
इस घटना के बाद आईआईटी कानपुर परिसर में शोक का माहौल है। सहकर्मी और परिचित अंजू को शांत स्वभाव और मेहनती कर्मचारी बता रहे हैं। यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
महत्वपूर्ण अपील: मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहे लोगों को अकेला न छोड़ें। समय पर बातचीत, परामर्श और मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है।




