शहर से 20 किलोमीटर के दायरे में बनेगी फ्लैटेड फैक्टरी, एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए देखी जा रही जमीन
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
Kanpur। प्रदेश सरकार एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री Rakesh Sachan ने बताया कि उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में सरदार वल्लभ भाई पटेल इंप्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में जमीन तलाशी जा रही है।
प्रदेश सरकार के बजट में कानपुर सहित प्रदेश के सभी 75 जिलों में इस तरह के इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की घोषणा की गई है। कानपुर में इसके लिए करीब 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित योजना के तहत शहर से 20 किलोमीटर के दायरे में फ्लैटेड फैक्टरी विकसित की जाएंगी, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमियों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मिल सकें।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएं
इस इंडस्ट्रियल जोन में उद्योग विभाग, लीड बैंक, रोजगार कार्यालय, कौशल विकास से जुड़े विभागों के कार्यालय एक ही परिसर में होंगे। इसका उद्देश्य उद्यम स्थापना से लेकर रोजगार उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना है। शासन की मंशा है कि उद्योग लगाने में आने वाली जटिल प्रक्रियाओं को आसान किया जा सके।
100 एकड़ में बनेगा विशेष इंडस्ट्रियल जोन
योजना के तहत करीब 100 एकड़ भूमि में विशेष इंडस्ट्रियल जोन विकसित किया जाएगा। यहां जिला उद्योग केंद्र, जिला रोजगार कार्यालय, ट्रेनिंग एवं इंटर्नशिप सहायक प्रकोष्ठ, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रकोष्ठ समेत उद्योग से जुड़े अन्य विभागों के कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही लीड बैंक का कार्यालय भी इसी परिसर में होगा।
युवाओं को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण
इस जोन में कार्यालयों के अलावा शेष भूमि पर रोजगारपरक निर्माण इकाइयों और सर्विस यूनिट्स की स्थापना कराई जाएगी। स्वरोजगार और रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं यहीं उपलब्ध होंगी। फ्लैटेड फैक्टरी के साथ-साथ मोटर ड्राइविंग ट्रैक, एआई जैसे आधुनिक विषयों पर शॉर्ट टर्म कोर्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में हुई मुख्यमंत्री की बैठक में निर्देश दिए गए थे कि ऐसे इंडस्ट्रियल जोन शहर के 20 किलोमीटर के दायरे में ही विकसित किए जाएं, ताकि उद्यमियों और युवाओं को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं मिल सकें।




