लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री समेत पांच पर जमीन हड़पने का आरोप, रिपोर्ट दर्ज
डिस्ट्रिक हेड | राहुल द्विवेदी
पनकी थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग किसान की करोड़ों रुपये की पुश्तैनी जमीन कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के जरिए हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान के बेटे की तहरीर पर लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री समेत चार नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पनकी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पनकी के पतेहुरी गांव निवासी 85 वर्षीय किसान भगवान सिंह के बेटे जयपाल सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि उनके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि आराजी संख्या 19 और 128 पनकी मेन रोड पर स्थित है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
आरोप है कि नौबस्ता के आनंद विहार निवासी लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह, जरौली फेज-वन निवासी राम बहादुर सिंह, उसका बेटा अंकित सिंह, भानु प्रताप सिंह और एक अन्य व्यक्ति ने भगवान सिंह की बीमारी का फायदा उठाया। दवा कराने के बहाने बिना कोई भुगतान किए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम लिखवा ली।
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने अलग-अलग तिथियों में जमीन के बैनामे कराए। 22 अक्तूबर 2018 को आराजी संख्या 19 व 128 में से 0.341 हेक्टेयर, सात जुलाई 2020 को आराजी 128 में से 0.105 हेक्टेयर और 28 अगस्त 2024 को आराजी 128 में से 0.2050 हेक्टेयर भूमि कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हड़प ली गई।
बैनामे में फर्जी चेक और गवाह बनाने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि बैनामों में जिन चेक नंबरों का उल्लेख है, वे फर्जी हैं और कोई भी चेक उनके पिता को नहीं दिया गया। उन्होंने पिता के बैंक खातों का विवरण पुलिस को सौंपते हुए जांच की मांग की है। जयपाल सिंह का यह भी कहना है कि उन्होंने स्वयं कभी किसी बैनामे में गवाही नहीं दी, बावजूद इसके दो बैनामों में उनकी फर्जी फोटो गवाह के रूप में लगाई गई और किसी अन्य व्यक्ति से उनके फर्जी हस्ताक्षर कराए गए।
आरोप है कि जब परिवार को हाल में इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई और उन्होंने विरोध जताया तो 26 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मरवाने की धमकी दी।
पनकी थाना प्रभारी ने बताया कि पूर्व महामंत्री समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बैनामों और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




