*उन्नाव में एक मंच पर जुटे धर्मगुरुः सर्व धर्म संसद में दिया आपसी सौहार्द का संदेश, समिति ने किया भव्य स्वागत
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ख़बर उन्नाव से है जहां रामलीला मैदान में शुक्रवार को सर्व धर्म संसद का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न धर्मों के प्रमुख धर्मगुरु एक मंच पर एकत्र हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था। यह आयोजन श्री साईं दरबार सेवा समिति के तत्वावधान में ‘रंग दे बसंती’ कार्यक्रम के तहत किया गया। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन सहित अन्य धर्मों के प्रमुख धर्मगुरुओं ने सहभागिता की। धर्मगुरुओं के आगमन पर आयोजन समिति और स्थानीय नागरिकों ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मगुरुओं ने भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित बताई। उन्होंने कहा कि सभी धर्म मानवता, प्रेम और शांति का संदेश देते हैं। देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने के लिए धर्मों के बीच आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
बता दे कि सर्व धर्म संसद के राष्ट्रीय संयोजक गोस्वामी सुशील जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी एक हैं, और धर्मों का विभाजन हम नहीं कर रहे, बल्कि कुछ लोग समाज को लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि इसी सोच को समाप्त करने के लिए सभी धर्मों के धर्मगुरु एक मंच पर उपस्थित हुए हैं, ताकि समाज को एकता और भाईचारे का स्पष्ट संदेश दिया जा सके। गोस्वामी सुशील जी महाराज ने कहा कि आज उन्नाव में ऐसा मंच सजा है, जहां लोग यह देखकर आश्चर्य कर रहे हैं कि सभी धर्मों के धर्मगुरु एक साथ मौजूद हैं। कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन के दौरान ‘रंग दे बसंती’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से देशभक्ति, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर साईं मंदिर के संस्थापक सुरेंद्र वर्मा बाबा जी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को जोड़ना और नई पीढ़ी को आपसी भाईचारे का संदेश देना है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और सकारात्मक माहौल बना रहा। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे उन्नाव में सामाजिक एकता की एक सशक्त मिसाल देखने को मिली।।
*अस्तित्व कुशवाहा संवाददाता*




