यूपीसीए पदाधिकारी ने रणजी टीम से बेटे का नाम लिया वापस
बोले– पारदर्शिता सबसे ऊपर, पढ़ें पूरा मामला
डिस्ट्रिक हेड | राहुल द्विवेदी
यूपीसीए के उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने रणजी ट्रॉफी टीम से अपने बेटे नलिन मिश्रा का नाम वापस ले लिया है। लोढ़ा समिति की सिफारिशों के तहत हितों के टकराव का मुद्दा उठने के बाद राकेश मिश्रा ने स्वयं यूपीसीए को ईमेल भेजकर यह फैसला लिया, ताकि चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे।
रणजी ट्रॉफी के अंतिम दो लीग मुकाबलों के लिए घोषित उत्तर प्रदेश टीम में नलिन मिश्रा का नाम शामिल होने के बाद यह मामला सामने आया था। यूपीसीए की वर्किंग कमेटी में राकेश मिश्रा के पदाधिकारी होने के चलते चयन को लेकर सवाल खड़े किए गए। विवाद बढ़ने पर राकेश मिश्रा ने खुद पहल करते हुए बेटे का नाम टीम से हटाने का निर्णय लिया।
इस संबंध में यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी ने पुष्टि की है कि राकेश मिश्रा का ईमेल प्राप्त हो चुका है और चयन सूची में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर उठा सवाल
रणजी ट्रॉफी के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश टीम को 22 जनवरी से लखनऊ के इकाना स्टेडियम में झारखंड के खिलाफ और 29 जनवरी से नागपुर में विदर्भ के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। इन मैचों के लिए यूपीसीए ने 19 जनवरी को टीम की घोषणा की थी, जिसमें नलिन मिश्रा का नाम शामिल था।
टीम घोषित होते ही लोढ़ा समिति की सिफारिशों के तहत यह सवाल उठाया गया कि किसी वर्तमान पदाधिकारी का सगा संबंधी चयनित टीम का हिस्सा कैसे हो सकता है।
पारदर्शिता के लिए खुद लिया फैसला
मामला तूल पकड़ने पर राकेश मिश्रा ने यूपीसीए के साथ-साथ बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को भी ईमेल भेजा। मेल में उन्होंने स्पष्ट किया कि नलिन मिश्रा 2017 से उत्तर प्रदेश की ओर से विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार खेलते आ रहे हैं।
उन्होंने वीनू मांकड़ ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और 2019 की रणजी ट्रॉफी में भी भाग लिया है। इसके अलावा नलिन 2024 और 2025 की यूपी टी-20 लीग का भी हिस्सा रहे हैं।
राकेश मिश्रा ने अपने मेल में लिखा कि रणजी टीम में नलिन का चयन हितों के टकराव की स्थिति पैदा कर रहा था, इसलिए चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वह अपने बेटे का नाम रणजी टीम से वापस ले रहे हैं।




