16 साल पुराने हत्याकांड में दोषी वकील को उम्रकैद
कोर्ट ने 12 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
डिस्ट्रिक हेड | राहुल द्विवेदी
कानपुर। हत्या की 16 साल पुरानी घटना में दोषी पाए गए रावतपुर निवासी अधिवक्ता गौरव शुक्ला को अपर जिला जज-18 राकेश कुमार तिवारी की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की आधी राशि मृतक के वारिसानों को प्रदान की जाएगी।
अभियोजन के अनुसार, 16 नवंबर 2009 को संतोष कुमार गुप्ता ने रावतपुर हाईवे के पास स्थित एक दुकान से सीडी खरीदी थी। घर जाकर सीडी चलाने पर वह नहीं चली। इसके बाद संतोष दुकानदार के पास वापस गया और पायरेटेड सीडी देने का आरोप लगाते हुए असली सीडी की मांग की। दुकानदार ने आधे घंटे बाद आने को कहा।
इसके बाद संतोष अपने साथियों ज्ञान प्रकाश, रवि प्रकाश और प्रभाकर के साथ दोबारा दुकान पर पहुंचा। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दुकान में मौजूद गौरव शुक्ला ने रिवाल्वर निकाल ली। जान बचाने के लिए सभी भागने लगे तो पीछे से फायर झोंक दिया गया। गोली ज्ञान प्रकाश को लगी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान हैलट अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने गौरव शुक्ला के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल दस गवाह अदालत में पेश किए गए। वहीं, आरोपी ने स्वयं को एलएलबी और एलएलएम पास बताते हुए खुद को निर्दोष बताया।
हालांकि, अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर गौरव शुक्ला को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी।




