कानपुर की सड़कों पर टेम्पो चलाने से लेकर हवाई जहाज़ उड़ाने तक का सफर आसान नहीं होता, लेकिन श्रवण कुमार विश्वकर्मा ने यही कर दिखाया। महज़ सात साल पहले तक लोडर और टेम्पो ड्राइवर के रूप में काम करने वाले श्रवण आज भारत की नई एयरलाइन ‘शंख एयर’ के संस्थापक हैं। सीमित पढ़ाई, गरीबी और लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। स्टील, सीमेंट, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट बिज़नेस में कदम रखते हुए उन्होंने 450 ट्रकों का बेड़ा खड़ा किया और फिर अपने बचपन के सपने को हकीकत में बदला। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से NOC मिलने के बाद शंख एयर 2026 में उड़ान भरने जा रही है। यह कहानी बताती है कि हालात चाहे जैसे हों, हिम्मत और मेहनत से सपनों को आसमान दिया जा सकता है।
• संस्थापक: श्रवण कुमार विश्वकर्मा (कानपुर, उत्तर प्रदेश)
• शुरुआती जीवन: 10वीं तक पढ़ाई, टेम्पो ड्राइवर और लोडर
• बिज़नेस सफर: TMT रीबार, सीमेंट, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट
• ट्रक फ्लीट: लगभग 450 ट्रक
• एयरलाइन का नाम: Shankh Air
• Ministry of Civil Aviation से NOC प्राप्त
• लॉन्च: 2026 की शुरुआत में
• शुरुआती फ्लीट: 3 Airbus A320
• प्रस्तावित रूट: लखनऊ–दिल्ली, मुंबई, अयोध्या, वाराणसी
• निवेश योजना: करीब ₹2000 करोड़, 4 साल में 100 विमान
• उद्देश्य: मिडिल क्लास के लिए किफायती हवाई सफर, बिना surge pricing
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