1500 करोड़ का महाघोटाला
चार और एनआरआई ने महाठग के खिलाफ कराई एफआईआर, अब तक 28 मुकदमे दर्ज
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
कानपुर।1500 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ठगी मामले में मुख्य आरोपी रविंद्रनाथ सोनी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। चार और एनआरआई पीड़ितों के सामने आने के बाद कानपुर कमिश्नरी पुलिस ने उसके खिलाफ 28वीं एफआईआर दर्ज की है। नए मामलों के सामने आने से पुलिस व विशेष जांच टीम (SIT) ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।
कमिश्नरी पुलिस के अनुसार, ब्लूचिप समेत अन्य सहयोगी कंपनियों के जरिए कई देशों के 700 से अधिक लोगों से करीब 1500 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। रविवार रात चार एनआरआई पीड़ितों ने मुख्य आरोपी रविंद्रनाथ सोनी समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कराई। अब तक दर्ज 28 मामलों में 10 जीरो एफआईआर शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद खुला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
कोतवाली पुलिस ने इससे पहले 42.29 लाख रुपये की ठगी के मामले में फरार चल रहे दिल्ली के मालवीय नगर निवासी रविंद्रनाथ सोनी को देहरादून से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसके कई अन्य सहयोगियों के नाम सामने आए। जांच में खुलासा हुआ कि दुबई, शारजाह, मलेशिया, जापान समेत कई देशों के लोगों को निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि ब्लूचिप कंपनी के प्रमोशन के लिए कई नामी अभिनेताओं और खिलाड़ियों को कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया था, जिससे निवेशकों का भरोसा जीता गया।
कोतवाली थाने में शिकायतों की कतार
रविंद्रनाथ सोनी की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस के पास शिकायतों की लाइन लग गई है। दुबई के शाही परिवार से जुड़े एक अधिकारी समेत कई पीड़ित पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मुलाकात कर चुके हैं। रविवार रात चार और एनआरआई पीड़ितों ने ठगी और धोखाधड़ी की साजिश रचने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि चार एनआरआई की तहरीर पर जीरो एफआईआर दर्ज कर उन्हें संबंधित स्थानीय थानों को विवेचना के लिए भेजा जा रहा है।
इन एनआरआई पीड़ितों की हुई एफआईआर
अबूधाबी निवासी भावेश अशोक कुमार बटाडिया ने कंपनी में 10,82,650 दिरहम (करीब 2.66 करोड़ रुपये) का निवेश किया था। उनकी तहरीर पर रविंद्रनाथ सोनी, सूरज जुमानी, विभास हरिसुमन त्रिवेदी, अमित गेरा, गुरनीत कौर और शाश्वत सिंह राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। भावेश मूल रूप से गुजरात के निवासी हैं।
दुबई निवासी सचिन विजय कुमार राजे ने ब्लूचिप व सहयोगी कंपनियों में दो लाख दिरहम (करीब 50 लाख रुपये) का निवेश किया। उनकी शिकायत पर रविंद्रनाथ सोनी, शाश्वत सिंह राजपूत समेत अन्य अज्ञात आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई। सचिन मुंबई के ठाणे के रहने वाले हैं।
अबूधाबी निवासी डॉ. पुलक पुनीत ने तीन प्रतिशत मासिक ब्याज का झांसा देकर 3,11,850 दिरहम (करीब 76 लाख रुपये) का निवेश कराया गया। उनकी शिकायत पर रविंद्रनाथ सोनी, अमित शर्मा व अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। डॉ. पुलक मूल रूप से रांची के निवासी हैं।
दुबई निवासी निधि विजय मेहता ने कंपनी में 4,96,075 दिरहम (करीब 1.22 करोड़ रुपये) का निवेश किया। उनकी तहरीर पर रविंद्रनाथ सोनी, सीमा वाधवानी और मोहम्मद साहिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। निधि मूल रूप से अहमदाबाद, गुजरात की निवासी हैं।
पुलिस और एसआईटी का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं, जिससे मामलों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।




