यूपी बार काउंसिल चुनाव जीता तो मौलिक अधिकारों के लिए होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
कानपुर। यूपी बार काउंसिल चुनाव में सदस्य पद के प्रत्याशी एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व महामंत्री नरेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि यदि वह चुनाव जीतते हैं तो कार्य बहिष्कार करने वाले अधिवक्ताओं के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा। यह बात उन्होंने जनलिस्ट प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
नरेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी प्रत्याशिता निरस्त कराने के उद्देश्य से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विरोधियों के हौसले पस्त हो गए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि सिविल लाइंस निवासी फखरुद्दीन अली अहमद ने उनके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर यह आरोप लगाया था कि नरेश चंद्र त्रिपाठी को ‘कट्टा गुरु’ कहा जाता है और एक अवमानना याचिका में उन्हें सजा सुनाई गई थी, इसलिए उनका नामांकन निरस्त किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका से संबंधित आदेश का अवलोकन करते हुए याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया।
पत्रकार वार्ता के दौरान नरेश चंद्र त्रिपाठी ने बार एसोसिएशन में अपने अध्यक्ष व महामंत्री कार्यकाल के दौरान अधिवक्ताओं के हित में किए गए संघर्षों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने अधिवक्ता हितों से जुड़े अपने 15 सूत्रीय घोषणा पत्र को भी मीडिया के सामने प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि यदि वह चुनाव जीतते हैं तो न्यायिक कार्य से विरत रहने पर लगी पाबंदियों के खिलाफ सबसे पहले देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा और इस पाबंदी को तत्काल हटवाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में नरेश मिश्रा, सियाराम पाल, शशिकांत तिवारी सहित अन्य




