कड़ाके की ठंड में बढ़ा हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, 10 की मौत
76 हार्ट पेशेंट व 11 ब्रेन स्ट्रोक के मरीज भर्ती, डॉक्टरों ने बरतने को कहा एहतियात
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
कानपुर। गलन भरी ठंड के चलते ब्लड प्रेशर बेकाबू होने से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालात यह हैं कि कई मरीज मृतावस्था में ही अस्पताल पहुंच रहे हैं। शनिवार को कार्डियोलॉजी और हैलट इमरजेंसी में कुल 10 मरीजों की मौत दर्ज की गई।
शनिवार को 76 मरीज हार्ट अटैक के लक्षणों के साथ कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में भर्ती किए गए, जबकि 11 ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों को गंभीर हालत में हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में आठ मरीज मृत अवस्था में लाए गए, वहीं हैलट इमरजेंसी में दो मरीजों को मृत घोषित किया गया।
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि शनिवार को ओपीडी में 734 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके अलावा 76 मरीजों को भर्ती किया गया। वहीं शुक्रवार को इमरजेंसी में 123 मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे।
हैलट अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि शनिवार रात आठ बजे तक इमरजेंसी में 83 मरीज भर्ती किए गए, जिनमें 11 ब्रेन स्ट्रोक के मरीज शामिल हैं।
डॉक्टरों के अनुसार ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने से ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों से ठंड से बचाव, नियमित दवा लेने, सुबह-शाम ठंडी हवा से परहेज और किसी भी लक्षण पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।




