कानपुर का गोविंदपुरी बनेगा हाई-टेक सैटेलाइट स्टेशन, 403 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
कानपुर | 1 जनवरी, 2026
कानपुर की रेल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रेलवे ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। भारतीय रेलवे के ‘विजन 2030’ के तहत गोविंदपुरी स्टेशन को अब एक पूर्ण ‘सैटेलाइट स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनों और यात्रियों के बढ़ते दबाव को कम करना है।
OHE क्षमता होगी दोगुनी, रफ्तार भरेंगी ट्रेनें
इस परियोजना का सबसे अहम हिस्सा ओएचई (Over Head Electric) लाइन का अपग्रेडेशन है। रेल मंत्रालय ने गोविंदपुरी से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी खंड तक की ओएचई क्षमता को 1.25 KV से बढ़ाकर 2.25 KV करने की मंजूरी दे दी है।
कुल लागत: ₹403.20 करोड़।
प्रभाव: क्षमता बढ़ने से अब वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें और भारी मालगाड़ियां बिना किसी रुकावट के दौड़ सकेंगी।
170 ट्रेनों के परिचालन का लक्ष्य
वर्तमान में गोविंदपुरी से लगभग 80 ट्रेनों का संचालन होता है, जिसे बढ़ाकर 150 से 170 तक करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कानपुर सेंट्रल से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों का ठहराव अब गोविंदपुरी में सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे दक्षिण कानपुर के यात्रियों को शहर के बीचों-बीच जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अमृत भारत योजना से बदली सूरत
बता दें कि इसी वर्ष अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन का कायाकल्प हुआ है। यहाँ यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं शुरू हो चुकी हैं:
आधुनिक इंफ्रा: 20 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज (FOB), वीआईपी लाउंज और फूड प्लाजा।
दिव्यांग मित्र: दिव्यांगों के लिए विशेष रैंप, व्हीलचेयर और सुलभ शौचालय।
सुविधाएं: लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने का काम अंतिम चरण में है।
“OHE लाइन की क्षमता बढ़ने से रेल परिचालन सुगम होगा और इस खंड में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।”
— शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-मध्य रेलवे




