बज़्मे उर्दू के 55 साल पूरे होने पर शेरी नशिस्त का ऐलान
सीतापुर, 29 दिसम्बर (प्रेस रिलीज़) बज़्मे उर्दू के 55 साल पूरे होने पर 31 दिसंबर को मिरदही टोला स्थित बज़्मे उर्दू के ऑफिस में एक खास प्रोग्राम और शेरी नशिस्त का आयोजन किया जा रहा है. इस बारे में जानकारी देते हुए बज़्मे उर्र्दूू के अध्यक्ष मशहूर शायर और पत्रकार मस्त हफीज रहमानी ने बताया कि बज़्मे उर्दू की स्थापना 55 साल पहले 31 दिसंबर 1970 को सीतापुर में उर्दू भाषा और साहित्य की सेवा के मकसद से हुई थी. इसने अपने मकसद को बड़ी खूबी से लागू करते हुए 55 साल का शानदार सफर पूरा किया है. इस साल बज़्मे उर्दू अपना 55वां सालाना जश्न मना रहा है. जिसके तहत पिछले महीने की 23 नवम्बर, 2025 को एक बड़ा सेमिनार किया गया था, जिसमें सीतापुर, लखनऊ और दूसरे जिलों के जाने-माने शायरों, लेखकों और पत्रकारों ने हिस्सा लिया था. इस संबंध में 31 दिसंबर 2025 को 55 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक और खास प्रोग्राम व शेरी नशिस्त का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सीतापुर और आस-पास के इलाकों के शायरों और लेखकों से शामिल होने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि बज़्मे उर्दू के 55 साल पूरे होने पर होने वाले प्रोग्राम फरवरी 2026 तक यूँही चलते रहेंगे। मस्त हफीज रहमानी ने सभी साहित्य प्रेमियों से 31 दिसंबर को प्रोग्राम में शामिल होने का अनुरोध भी किया है।
मोहित श्रीवास्तव की रिपोर्ट




