माइक्रोसॉफ्ट में एक और बड़ा झटका, 9,100 कर्मचारियों की गई नौकरी
फिरोज खान की रिपोर्ट
वैश्विक मंदी और लागत कटौती के चलते माइक्रोसॉफ्ट ने की बड़ी छंटनी, तीन महीने में 15,000 से अधिक कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता
नई दिल्ली, 3 जुलाई 2025:दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने एक बार फिर हजारों कर्मचारियों को झटका दिया है। कंपनी ने हाल ही में 9,100 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला लिया है। यह फैसला वैश्विक आर्थिक मंदी, लागत में वृद्धि और आय में गिरावट के चलते लिया गया है। इस छंटनी के साथ ही कंपनी ने पिछले तीन महीनों में कुल 15,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।
कंपनी ने बताया कि यह फैसला संगठन को अधिक कुशल, प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनाने की रणनीति के तहत लिया गया है। इस छंटनी से कंपनी के कुल 2.28 लाख कर्मचारियों में से एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह छंटनी वैश्विक स्तर पर की गई है, जिसमें अमेरिका, यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों के कर्मचारी शामिल हैं।
इससे पहले मई और जून 2025 में माइक्रोसॉफ्ट ने दो चरणों में 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। उस समय भी कंपनी ने गिरती मांग, कम होते मुनाफे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों में निवेश की आवश्यकता को इसका कारण बताया था। अब जुलाई की शुरुआत में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 9,100 लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह छंटनी टेक इंडस्ट्री में चल रही बड़ी बदलावों की श्रृंखला का हिस्सा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और जनरलाइज्ड टेक्नोलॉजी के चलते कंपनियां अब कम लोगों में ज्यादा काम कराने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसके साथ ही आर्थिक सुस्ती और अनिश्चितता ने भी कंपनियों को मजबूर किया है कि वे अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें।
माइक्रोसॉफ्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी इस छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को उचित मुआवजा, ट्रांजिशन सपोर्ट और करियर सेवाएं प्रदान करेगी। कंपनी का उद्देश्य है कि कर्मचारियों को आगे के अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।
यह छंटनी ऐसे समय पर हुई है जब कई अन्य टेक कंपनियां जैसे गूगल, मेटा, और अमेजन भी बड़े पैमाने पर छंटनियां कर रही हैं। इसका साफ संकेत है कि टेक सेक्टर अभी भी अस्थिर दौर से गुजर रहा है और आने वाले समय में स्थिति और कठिन हो सकती है।




